छत्रपति संभाजीनगर: बढ़े हुए पानी का इंतजार लंबा, GVPR और MJP विवाद से 2740 करोड़ की जलापूर्ति योजना प्रभावित
Sambhajinagar Water Supply Project Update: छत्रपति संभाजीनगर की 2740 करोड़ की जलापूर्ति योजना तकनीकी खामियों और जीवीपीआर-एमजेपी विवाद में फंसी है। बढ़े हुए पानी के लिए शहरवासियों का इंतजार जारी है।
- Written By: आलोक उमाकृष्ण
छत्रपति संभाजीनगर जलापूर्ति योजना (सोर्स: AI)
Chhatrapati Sambhajinagar Water Supply Project: शहर की 2740 करोड़ रुपये की नई जलापूर्ति योजना लगातार तकनीकी खामियों, समन्वय की कमी और जीवीपीआर कंपनी की कार्यशैली पर उठ रहे सवालों के कारण समय पर पूरी नहीं हो पा रही है।
योजना से जुड़े कार्यों में बार-बार सामने आ रही तकनीकी समस्याओं और उन्हें समय पर दूर करने में जीवीपीआर कंपनी की विफलता के चलते शहर वासी कई महीनों से बढ़ी हुई जलापूर्ति की प्रतीक्षा कर रहे हैं। दूसरी ओर जीवीपीआर कंपनी और महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण (एमजेपी) के बीच जारी विवाद ने पूरी परियोजना को और उलझा दिया है।
ऐसे में यह बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि आखिर 2740 करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी योजना कब पूरी होगी और शहर को नियमित जलापूर्ति का लाभ कब मिलेगा।
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इस योजना के पहले चरण में
नई जलापूर्ति योजना के पहले चरण में शहर को 200 एमएलडी पानी उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया था, जबकि प्रारंभिक स्तर पर 100 एमएलडी अतिरिक्त पानी उपलब्ध कराने की तैयारी की गई थी। इसके लिए जायकवाड़ी से नक्षत्रवाड़ी तक नई पंपिंग व्यवस्था शुरू की गई थी, लेकिन 24 जून को हुई बारिश के बाद नए पंप हाउस में रिसाव सामने आने से पूरी पंपिंग व्यवस्था बंद करनी पड़ी।
इसके बाद पंप हाउस की मरम्मत तो कर दी गई, लेकिन मुख्य पाइपलाइन में लगे फ्लो मीटर के बंद होने और एयर वाल्व में लगे बटरफ्लाई वाल्व के खराब मिलने से नई अड़चन खड़ी हो गई। महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक यह तकनीकी खामी पूरी तरह दूर नहीं होगी, तब तक पंपिंग शुरू नहीं की जाएगी।
MJP और GVPR के विवाद में अटकी परियोजना
सूत्रों के अनुसार, जीवीपीआर कंपनी ने पंपिंग शुरू करने के लिए पत्र दिया है, लेकिन एमजेपी ने तकनीकी कमियां दूर किए बिना अनुमति देने से इनकार कर दिया। दोनों पक्षों के बीच समन्वय का अभाव लगातार बढ़ता जा रहा है।
बताया जा रहा है कि अब अंतिम निर्णय महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण के सदस्य सचिव स्तर पर लिया जाएगा, लेकिन कई दिन बीतने के बावजूद कोई निर्णय नहीं हो सका है।
महीने के अंत तक भी पंपिंग शुरू होने की संभावना
परियोजना से जुड़े सूत्रों का कहना है कि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए जायकवाड़ी से नई लाइन के जरिए पंपिंग महीने के अंत तक ही शुरू हो पाएगी। जब तक सभी तकनीकी खामियां दूर नहीं होतीं, तब तक जलापूर्ति शुरू होने की संभावना कम है।
बढ़ता जल संकट से जनता में नाराजगी
नई जलापूर्ति योजना से अतिरिक्त पानी नहीं मिलने के कारण शहर में जलापूर्ति का अंतराल लगातार बढ़ता जा रहा है। कई क्षेत्रों में 10 से 15 दिन के अंतराल से पानी पहुंच रहा है, जिससे नागरिकों में भारी नाराजगी है। जनप्रतिनिधियों को भी लोगों के आक्रोश का सामना करना पड़ रहा है।
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उठ रहे हैं कई बड़े सवाल
2740 करोड़ रुपये की इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर भारी सार्वजनिक धन खर्च किया जा रहा है, लेकिन लगातार सामने आ रही तकनीकी कमियां, कार्य में देरी, जीवीपीआर कंपनी और एमजेपी के बीच तालमेल की कमी तथा जिम्मेदारी तय न होने से परियोजना की प्रगति पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। शहरवासियों को अब इस बात का इंतजार है कि वर्षों से चल रही इस योजना का लाभ आखिर उन्हें कब मिलेगा।
– नवभारत लाइव के लिए छत्रपति संभाजीनगर से शफीउल्ला हुसैनी की रिपोर्ट
