छत्रपति संभाजीनगर मनपा के अधिकार में आएगी 8.78 लाख वर्गफुट खुली जमीन, सातारा-देवलाई का राजस्व रिकॉर्ड बदलेगा

Sambhajinagar Land Transfer Records: छत्रपति संभाजीनगर में सातारा-देवलाई की 8.78 लाख वर्गफुट से अधिक खुली जमीन मनपा के नाम होगी। नामांतरण से अतिक्रमण पर रोक और विकास कार्यों को गति मिलेगी।
Chhatrapati Sambhajinagar Land Transfer Records Satara Devlai Municipal Corporation
छत्रपति संभाजीनगर मनपा (सोर्स:- सोशल मीडिया)
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Chhatrapati Sambhajinagar Land Transfer Records: शहर विस्तार के बाद वर्षों तक उपेक्षित रही सातारा और देवलाई ग्राम पंचायतों की खुली जमीनों को अब महानगरपालिका अपने अधिकार में लेने जा रही है। प्रशासन ने दोनों पूर्व ग्राम पंचायतों के नाम दर्ज लगभग 87,846 वर्ग मीटर (करीब 8।78 लाख वर्ग फुट) खुली भूमि को राजस्व अभिलेखों में मनपा के नाम दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस पहल से सरकारी जमीनों की सुरक्षा, अतिक्रमण पर रोक और भविष्य की विकास योजनाओं को गति मिलने की उम्मीद है।

सातबारा अभिलेखों में दर्ज होगा मनपा का नाम

महानगरपालिका ने राजस्व विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर सातबारा अभिलेखों में नामांतरण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए दो अधिकारियों की विशेष रूप से नियुक्ति की गई है, जो सभी भूखंडों का सत्यापन और दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी करेंगे।

दोनों ग्राम पंचायतों के नाम पर मिली बड़ी भूमि

प्राथमिक जांच में सातारा ग्राम पंचायत के नाम 60,865.26 वर्ग मीटर तथा देवलाई ग्राम पंचायत के नाम 26,980.89 वर्ग मीटर खुली जमीन दर्ज मिली है। इस प्रकार कुल 87,846.15 वर्ग मीटर भूमि महानगरपालिका के स्वामित्व में लाई जाएगी।

अधिकारियों के अनुसार, यह आंकड़ा केवल राजस्व अभिलेखों में दर्ज खुली जमीन का है। स्वीकृत ले-आउट से प्राप्त आरक्षित भूखंडों को इसमें शामिल नहीं किया गया है।

अतिक्रमण रोकने और विकास कार्यों को मिलेगा बल

सातारा-देवलाई क्षेत्र वर्ष 2016 में महानगरपालिका सीमा में शामिल हुआ था। इसके बाद यहां तेजी से आवासीय कॉलोनियां, व्यावसायिक प्रतिष्ठान, अस्पताल, विद्यालय और अन्य विकास कार्य हुए, लेकिन कई सरकारी जमीनों का विधिवत हस्तांतरण नहीं हो पाया। इस दौरान कुछ स्थानों पर अतिक्रमण भी होने की जानकारी सामने आई।

अब छत्रपति संभाजीनगर महानगरपालिका इन सभी जमीनों का नामांतरण पूरा करने के बाद उनकी सीमांकन प्रक्रिया कराएगी और सुरक्षा के लिए चारदीवारी अथवा तार बाड़ लगाने की योजना पर भी काम करेगी। प्रशासन का मानना है कि इससे सरकारी संपत्तियां सुरक्षित रहेंगी और भविष्य में सार्वजनिक सुविधाओं तथा विकास परियोजनाओं के लिए भूमि उपलब्ध हो सकेगी।

– नवभारत लाइव के लिए छत्रपति संभाजीनगर से शफीउल्ला हुसैनी की रिपोर्ट

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