
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Municipal Water Crisis: छत्रपति संभाजीनगर शहर को जलापूर्ति करने वाली जायकवाड़ी स्थित नई जलापूर्ति योजना की 1,200 मिमी क्षमता की मुख्य जलवाहिनी शुक्रवार, 17 जनवरी की सुबह 10 बजे फट जाने से जलापूर्ति पूरी तरह ठप हो गई।
नतीजतन, शहर के कई हिस्सों के नागरिकों को पानी की भारी किल्लत का सामना करना पड़ा। शनिवार सुबह जलापूर्ति शुरू होते ही 160 एमएलडी पानी मिलने पर तुरंत सप्लाई शुरू की गई।
मनपा ने दावा किया है कि रविवार, 18 जनवरी को पानी कमी की भरपाई करने की पूरी कोशिश की जाएगी। प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस नई योजना के पंप गृह में 1,200 मिमी की जलवाहिनी में रिसाव होने के बाद एहतियातन शहर की जलापूर्ति बंद कर दी गई। इसके बाद 700 व 900 मिमी की जलवाहिनियों की सघन जांच करने के बाद वहां से सीमित जलापूर्ति शुरू की गई।
हालांकि, जिस स्थान पर लाइन फटी थी, वहां ढलान होने के चलते पानी भर गया और जिसे निकालने में काफी समय लगा। इसके पश्चात मरम्मत कार्य शुरू किया गया।
हालांकि, तकनीकी अड़चनों के चलते काम में बेहद विलंब हुआ। मनपा के कार्यकारी अभियंता किरण धांडे, उपअभियंता एमएम बाविस्कर, कनिष्ठ अभियंता आशीष वाणी, सुभाष लोहाड़े व ठेकेदार के कर्मचारियों ने रातभर मरम्मत कार्य किया।
उनकी कड़ी मेहनत का नतीजा था कि शनिवार तड़के 5 बजे मरम्मत पूरी हुई, पाइप लाइन खाली होने के चलते उसे भरने में करीब पांच घंटे का समय लगा। सुबह 10 बजे टंकी में पानी पहुंचने के बाद शहर की जलापूर्ति बहाल की गई। इस पूरी प्रक्रिया में 19 घंटे बीत गए।
मनपा के कार्यकारी अभियंता किरण धांडे ने कहा कि, शहर में 1,200, 900 व 700 मिमी की जलवाहिनियों से रोजाना 160 से 165 एमएलडी पानी की आपूर्ति की जाती है।
पाइप फटने के चलते 700 व 900 मिमी से आने वाले पानी को सिडको हडको क्षेत्र की ओर मोड़ दिया गया। नतीजतन, शहर के मध्यवर्ती क्षेत्रों में पानी की भारी कमी हो गई। कई इलाकों में यही स्थिति रही व जलापूर्ति एक दिन आगे बढ़ानी पड़ी।
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धांडे ने कहा कि शनिवार सुबह जलापूर्ति शुरू होते ही 160 एमएलडी पानी मिलने पर तुरंत सप्लाई शुरू की गई। रविवार, 18 जनवरी को पानी कमी की भरपाई करने की पूरी कोशिश की जाएगी।






