प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Chhatrapati Sambhajinagar Municipal Election: छत्रपति संभाजीनगर महानगरपालिका चुनाव से ठीक पहले शिवसेना ठाकरे गुट में अंदरूनी कलह खुलकर सामने आ गई है।
कांग्रेस के पूर्व महापौर अब्दुल रशीद खान उर्फ मामू को यूबीटी में शामिल कर उम्मीदवारी दिए जाने को लेकर पार्टी के वरिष्ठ नेता चंद्रकांत खैरे और विधान परिषद के पूर्व विरोधी पक्ष नेता अंबादास दानवे के बीच चला आ रहा सुप्त संघर्ष अब सार्वजनिक हो गया है।
अंबादास दानवे की पहल पर रशीद मामू का मुंबई स्थित शिवसेना भवन में उद्धव ठाकरे की मौजूदगी में पार्टी प्रवेश कराया गया। हालांकि उसी समय शिवसेना भवन के बाहर चंद्रकांत खैरे ने खुली नाराजगी जताते हुए कहा था कि मामू को उम्मीदवारी नहीं मिलेगी।
खैरे ने यह आरोप भी लगाया था कि मामू के पार्टी प्रवेश से शिवसेना के करीब 50 हजार वोट कम हो जाएंगे। इसके बावजूद दानवे ने अपनी भूमिका पर कायम रहते हुए रशीद मामू को उम्मीदवारी दिलाई। इससे चंद्रकांत खैरे और अधिक नाराज हो गए हैं। खैरे ने साफ शब्दों में कहा है कि उन्हें विश्वास में नहीं लिया गया।
रशीद मामू को उम्मीदवारी देने के लिए पार्टी के वरिष्ठ नेता खैरे को विश्वास में नहीं लिया गया, महिला उम्मीदवारों के टिकट काटे जाने को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला शुरु हो चुका है खैरे की खुली घोषणा कि वे रशीद मामू के प्रचार में हिस्सा नहीं लेंगे।
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कुल मिलाकर शिवसेना ठाकरे गुट में चंद्रकांत खैरे और अंबादास दानवे के बीच चला आ रहा अंदरूनी पुरानी संघर्ष अब पूरी तरह उजागर हो गया है। चुनाव से पहले सामने आई यह खींचतान पार्टी के लिए नई मुश्किले खड़ी कर सकती है।