'हमें शिंदे नहीं चाहिए', चंद्रकांत खैरे का कीर्तिकर पर तीखा पलटवार, बोले- बहुत परेशान किया

Maharashtra Politics: महाराष्ट्र में गठबंधन की चर्चाओं को लेकर पार्टी के अन्य सदस्य भी दावे और प्रतिदावे करने में लगे हुए है। इस बीच गजानन कीर्तिकर के एक बयान पर चंद्रकांत खैरे ने बड़ी आपत्ति जताई है।
महाराष्ट्र में गठबंधन की चर्चाओं को लेकर पार्टी के अन्य सदस्य भी दावे और प्रतिदावे करने में लगे हुए है। इस बीच गजानन कीर्तिकर के एक बयान पर चंद्रकांत खैरे ने बड़ी आपत्ति जताई है।
गजानन कीर्तिकर और चंद्रकांत खैरे (सौजन्य-सोशल मीडिया)
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मुंबई: आगामी महापालिका और स्थानीय निकाय चुनावों की पृष्ठभूमि में एक ओर जहां ठाकरे बंधुओं के एक साथ आने को लेकर राजनीतिक हलकों में जबरदस्त चर्चा चल रही है, वहीं दूसरी ओर इसी मुद्दे पर महाविकास आघाड़ी और महायुति के नेताओं के बीच दावे और प्रतिदावे किए जा रहे हैं।

यह भी देखा जा रहा है कि क्या राज ठाकरे केवल उद्धव ठाकरे से गठबंधन करेंगे या महाविकास आघाड़ी में शामिल होंगे - इस पर चर्चाएं तेज हो गई हैं। इसी बीच, शिवसेना शिंदे गुट के नेता गजानन कीर्तिकर के एक बयान पर शिवसेना (ठाकरे गुट) के वरिष्ठ नेता चंद्रकांत खैरे ने आपत्ति जताई है।

बालासाहब को सच्ची श्रद्धांजलि

हाल ही में गजानन कीर्तिकर ने अपने एक बयान में कहा था कि उद्धव ठाकरे को अपने करीबी लोगों से सावधान रहना चाहिए और राज ठाकरे को अपने पास रखना चाहिए। यदि दोनों ठाकरे बंधु एक साथ आते हैं, तो वही बालासाहब को सच्ची श्रद्धांजलि होगी। अगर उद्धव, राज और शिंदे एक साथ आते हैं, तो शिवसेना और मजबूत होगी। स्वबल पर राज्य करने की इच्छा रखने वालों की यह ख्वाहिश तब पूरी नहीं होगी। गजानन कीर्तिकर ने कहा था कि पुराना गौरव फिर से लौट सकता है - एक बार साथ आकर तो देखें।

चंद्रकांत खैरे का तीखा पलटवार

इस बयान पर चंद्रकांत खैरे ने कहा कि हमें शिंदे नहीं चाहिए। उन्होंने उद्धव और आदित्य को बहुत परेशान किया है। हमें निष्ठावान लोग चाहिए। गजानन कीर्तिकर ऐसा इसलिए कह रहे हैं क्योंकि उनके बेटे हमारे साथ हैं। इसलिए उन्हें शिंदे के साथ जाने का अब पछतावा हो रहा है। इसके साथ ही खैरे ने आगे कहा कि अगर उद्धव और राज एक साथ आते हैं, तो वे मिलकर महायुति को सबक सिखाएंगे।

दोनों भाइयों के एक होने की चर्चा सुनकर अजित पवार और सुप्रिया सुले के बीच भी मेल की संभावनाएं उठ रही हैं। इसके कारण अब चर्चा तेज हो गई है कि क्या दोनों राष्ट्रवादी कांग्रेस एकजुट होंगे? इस बीच, रविवार को राकांपा के विधायक अमोल मिटकरी ने एक संकेतात्मक बयान दिया। उन्होंने कहा कि, "अगर पांडुरंग की इच्छा होगी तो भाई-बहन आषाढी एकादशी तक एक साथ आ सकते हैं।"

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