प्रतीकात्मक तस्वीर AI ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Chhatrapati Sambhajinagar Fraud Case: छत्रपति संभाजीनगर मोबाइल गुम होने की शिकायत दर्ज कराने पुलिस थाने पहुंची 23 वर्षीय युवती को एक पुलिस उपनिरीक्षक ने कथित रूप से प्रेमजाल में फंसाकर विवाह का झांसा दिया।
आरोप है कि विश्वास हासिल करने के बाद उसने युवती के साथ कई बार शारीरिक संबंध बनाए, उसकी इच्छा के विरुद्ध तीन बार गर्भपात कराया। इतना ही नहीं, आरोपी की पत्नी और पुत्र पर भी युवती के साथ मारपीट करने का आरोप है। यह घटनाक्रम 7 मार्च 2025 से 18 फरवरी 2026 के बीच शहर में घटित होने की बात सामने आई है।
प्रकरण में पुलिस उपनिरीक्षक सुभाष चव्हाण, उसकी पत्नी और पुत्र के विरुद्ध क्रांति वीक पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया है। पीड़िता ने अपनी शिकायत में गंभीर आरोप लगाए है, जिसकी जांच शुरू कर दी गई है।
पीड़िता के अनुसार 7 मार्च 2025 की वह मोबाइल खोने की शिकायत लेकर क्रांति चौक पुलिस थाने गई थी, वहीं उसकी पहचान उपनिरीक्षक सुभाष चव्हाण से हुई। उसी दिन आरोपी ने यह कहकर फोन किया कि वह नंबर की पुष्टि कर रहा है।
इसके बाद लगातार बातबीत का सिलसिला शुरू हुआ, आरोपी ने स्वयं को जिम्मेदार अधिकारी बताते हुए विवाह का आश्वासन दिया, उसने कहा कि वह उससे ही विवाह करेगा, उसकी जिम्मेदारी उठाएगा। इसी भरोसे पर युवती उसके संपर्क में बनी रही।
शिकायत के अनुसार आरोपी ने विभिन्न स्थानों के लॉज में ले जाकर युवती के साथ कई बार शारीरिक संबंध बनाए, जब युक्ती ने विवाह का आग्रह किया तो आरोपी ने उसे अंगूठी और नकली मंगलसूत्र पहनाकर पत्नी होने का विश्वास दिलाया। इस दौरान युवती गर्भवती हुई। आरोप है कि उसकी इच्छा के विरुद्ध पुणे और संभाजीनगर में तीन बार गर्भपात कराया गया।
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आरोप है कि बाद में आरोपी ने विवाह से इंकार कर दिया। जातिसूचक अपशब्द कहे। उसने युवती के साथ मारपीट की। आरोपी ने यह कहकर धमकाया कि वह पुलिस अधिकारी है, उसका कुछ नहीं बिगड़ेगा। साथ ही झूठे मामले में फंसाने की भी चमकी दी। उधर, फिर्यादी महिला ने आरोपी की पत्नी और पुत्र पर भी मारपीट का आरोप लगाया है।