Maharashtra Local Body Politics Clash ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Maharashtra Local Body Politics Clash: छत्रपति संभाजीनगर जिले की पंचायत समितियों में सभापति और उपसभापति पद के लिए मंगलवार को हुए चुनाव में छत्रपति संभाजीनगर पंचायत समिति का चुनाव सबसे अधिक चर्चा में रहा।
मतदान से पहले हुए तीखे विवाद, आरोप-प्रत्यारोप और हंगामे के बीच अंततः महायुति ने पंचायत समिति पर कब्जा कर लिया, भाजपा के उम्मीदवार कल्याणराव गायकवाड 9 वोटों के साथ सभापति पद पर निर्वाचित हुए, जबकि शिंद गुट के बालासाहेब गाहे उपसभापति चुने गए, मंगलवार, 10 मार्च की पंचायत समिति सभापति और उपसभापति पद के चुनाव के लिए विशेष बैठक आयोजित की गई थी।
मतदान से कुछ समय पहले ही भाजपा और शिवसेना ठाकरे गुट के कार्यकर्ताओं के बीच तीन सदस्यों को अपने साथ ले जाने के आरोप को लेकर विवाद शुरू हो गया।
दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हुई और देखते ही देखते मामला धक्का-मुक्की तक पहुंच गया, पंचायत समिति परिसर में कुछ समय के लिए तनावपूर्ण स्थिति बन गई।
इस चुनाव में शिंदे गुट के भीतर भी दो अलग-अलग धड़े दिखाई दिए। गुट के कुल छह सदस्यों में से तीन सदस्य जिले के पालकमंत्री संजय शिरसाट के समर्थक बताए जाते हैं, जबकि तीन सदस्य सांसद संदीपान भुमरे के गुट से जुड़े माने जाते है।
चुनाव से पहले यह चर्चा भी थी कि भुमरे गुट भाजपा के खिलाफ जा सकता है, लेकिन अंतिम समय में समीकरण बदल गए, पंचायत समिति में भाजपा के पास 7 जबकि शिंदे गुट की शिवसेना के पास 6 सीटें हैं।
सत्ता हासिल करने के लिए 11 मतों का आंकड़ा जरूरी था। ऐसे में बहुमत तक पहुंचने के लिए भाजपा को 4 अतिरिक्त मतों की आवश्यकता थी। चुनाव से पहले शिवसेना के ठाकरे गुट ने स्पष्ट किया था कि जो दल उन्हें उपसभापति पद देगा, उसे वे सभापति पद के लिए समर्थन देंगे। इस कारण राजनीतिक हलकों में यह चर्चा भी तेज हो गई थी कि सता के लिए दोनों शिवसेना गुट एक साथ भी आ सकते हैं।
इस घटना की जानकारी मिलते ही शिवसेना ठाकरे गुट के वरिष्ठ नेता अंबादास दानवे पंचायत समिति परिसर पहुंचे। उन्होंने भाजपा उम्मीदवार कल्याणराव गायकवाड की कॉलर पकड़कर उनसे तीन सदस्यों को ले जाने के आरोप पर जवाब मांगा।
दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक तीखी बहस होती रही। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने तत्काल हस्तक्षेप कर मामला शांत कराया। हंगामे के बीच मतदान प्रक्रिया पूरी की गई।
सभापति पद के लिए कल्याणराव गायकवाड के खिलाफ अनुराग शिंदे मैदान में थे। मतदान के बाद गायकवाड को 9 वोट मिले, जबकि अनुराग शिंदे को 8 वोट प्राप्त हुए।
इस प्रकार गायकवाड एक मत से विजयी घोषित किए गए। वहीं उपसभापति पद के लिए शिंदे गुट के बालासाहेब गाढ़े ने 10 के मुकाबले 8 मतों से जीत दर्ज की।
चुनाव के दौरान शिवसेना ठाकरे गुट के तीन सदस्य अनुपस्थित रहे। माना जा रहा है कि इसी कारण भाजपा को बहुमत हासिल करने में मदद मिली, राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा रही कि यदि ये सदस्य उपस्थित होते तो परिणाम अलग हो सकता था।
पंचायत समिति में कुल 20 सदस्य है। इनमें भाजपा के 7, शिंदे गुट के 6, शिवसेना ठाकरे गुट के 4, कांग्रेस के 1, राष्ट्रवादी कांग्रेस (अजित पवार गुट) के 1 और प्रहार संगठन का 1 सदस्य शामिल है।
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सत्ता हासिल करने के लिए 11 वोटों की आवश्यकता थी। अंततः महायुति ने आवश्यक समर्थन जुटाकर सभापति और उपसभापति दोनों पदों पर जीत हासिल की। दिनभर चले इस राजनीतिक घटनाक्रम और पंचायत समिति परिसर में हुए हाईवोल्टेज ड्रामे की चर्चा पूरे जिले में होती रहीं।