
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Jain Festival Religious Event: छत्रपति संभाजीनगर राज्य के णमोकार तीर्थ में 6 फरवरी से आयोजित अंतरराष्ट्रीय पंचकल्याणक प्रतिष्ठा व महामस्तकाभिषेक महोत्सव होगा व इसकी तैयारियां अंतिम चरण में हैं। समारोह के लिए देशभर से 400 दिगंबर जैन साधु-साध्वियों का मंगल आगमन हो रहा है।
मुनिराजों व आर्थिका माताजी की चर्चा व आहार शुद्धि को सुनिश्चित करने के लिए णमोकार तीर्थ क्षेत्र में विशेष ‘राजा श्रेयांस चौका नगर’ का उद्घाटन किया गया। इसी क्रम में चौका नगर के प्रवेश द्वार का आगाज गाजे-बाजे व मंत्रोच्चार के साथ संपन्न हुआ।
महोत्सव के पूर्व आचार्यों व साधु-साध्वियों की शोभायात्रा भी निकाली गई। उद्घाटन समारोह दानवीर जिनेंद्रजी बाकलीवाल परिवार, उपाध्यक्ष महावीर गंगवाल, ट्रस्टी अनिल जमगे, हर्षां गंगवाल, ग्लोबल महासभा अध्यक्ष जमणालाल हपावत उपाध्यक्ष पारस लोहाडे, पूर्व नगराध्यक्ष भूषण कासलीवाल, चंद्रशेखर कासलीवाल व बालब्रह्मचारी वैशाली दीदी ने पूजन कर किया।
धर्म सभा में आचार्य पद्मनंदी, विद्यानंदी, कर्मविजयनंदी, आचार्य देवनंदी महाराज व युगल मुनिश्री अमोघ कीर्ति-अमर कीर्ति आदि का सानिध्य प्राप्त हुआ। आचार्य संघ ने ‘आहार दान कैसे दें व इसका महत्व’ विषय पर सारगर्भित प्रवचन दिए राजा श्रेयांस ने जिस प्रकार आदिनाथ भगवान को आहार देकर दान तीर्थ का प्रवर्तन किया, वैसा ही पुण्य भाव आज यहां दिख रहा है।
पुणे निवासी जिनेंद्र जैन (बाकलीवाल) परिवार ने इन इन 50 चौकों व विशेष कक्षों के निर्माण में अहम योगदान दिया, समाज व धर्म के प्रति इस अद्वितीय समर्पण के लिए महोत्सव समिति ने जिनेंद्र बाकलीवाल परिवार को ‘सर संधाधिपति के सर्वोच्च सम्मान से विभूषित किया।
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णमोकार ट्रस्ट की और से आयोजित सम्मान समारोह में जिनेद्रजी, हीरामणि, राजेश, रेखा, धीरज, सोनिया, विकास, सपना व समस्त बाकलीवाल परिवार का स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया गया।






