Sambhajinagar Smart School Project ( Source: Social Media )
Chhatrapati Sambhajinagar Smart School Project: छत्रपति संभाजीनगर स्थायी समिति सभापति अनिल मकरिये ने कहा कि महानगर पालिका स्कूलों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को कोई भी स्थिति में उम्दा स्तर की शिक्षा मिलनी चाहिए और इसमें कोई समझौता कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, उनका कहना रहा कि विद्यार्थियों की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए सभी प्रधानाध्यापकों और अध्यापकों ने भरसक प्रयास कर कोई कोर कसर नहीं छोड़नी चाहिए।
भाजपा नेता मकरिये ने आश्वस्त किया कि महानगर पालिका स्कूलों में जिन सुविधाओं की जरूरत होगी, उसकी पूर्ति करने वे कटिबद्ध हैं। स्थायी समिति सभापति मकरिये ने शिक्षण विभाग की अवलोकन बैठक ली, तब वे विचार रख रहे थे।
इस अवसर पर मनपा आयुक्त जी. श्रीकांत की संकल्पना से ‘स्मार्ट स्कूल टू बेस्ट स्कूल’ प्रकल्प अंतर्गत कार्यान्वित उपक्रमों के वीडियो का प्रस्तुतिकरण सहायक कार्यक्रम अधिकारी ज्ञानदेव सांगले ने किया।
बैठक में स्पष्ट किया गया कि उन उपक्रमों के चलते महानगर पालिका के स्कूलों में अध्ययनरत विद्यार्थियों की न केवल संख्या बढ़ रही है, बल्कि उनके स्तर में भी गजब का सुधार हो रहा है।
बावजूद इसके और इसे बढ़ावा देने व व्यापक सुधारों की दरकार है। बैठक के दौरान सभी स्कूल स्मार्ट होने पर स्थायी समिति सभापति मकरिये ने मनपा आयुक्त जी. श्रीकांत का अभिनंदन किया।
यही नहीं, किराड़पुरा नंबर एक, नारेगांव मराठी व उर्दू स्कूल के अलावा सिल्क मिल कॉलोनी स्थित मनपा स्कूलों में छात्रों की संख्या बढ़ने को बड़ी उपलब्धि बताया।
बैठक में कहा गया कि आज प्रतिस्पर्धा के दौर में निजी अंग्रेजी स्कूलों के व्यापक प्रचार-प्रसार क बीच महानगर पालिका संचालित स्कूल अपनी पहचान बनाए हुए हैं।
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अंग्रेजी स्कूलों के लोकलुभावन वादों में अधिकांश अभिभावक नहीं आते और उनका रुझान और भरोसा आज भी महानगर पालिका संवालित स्कूलों पर है। यही कारण है कि आज भी महानगर पालिका संचालित स्कूलों में प्रवेश के लिए अभिभावकों की भीड़ लगी हुई है।
बैठक में उपायुक्त व शिक्षा विभाग प्रमुख अंकुश पांढरे, शिक्षाधिकारी भारत तीनगोटे, शिक्षा विस्तार अधिकारी रामनाथ गोरे, अधीक्षक गोविंद बाराबोटे के अलावा सभी केंद्रीय प्रधानाध्यापक, सभी अंतर्गत स्कूलों के प्रधानाध्यापक व शिक्षा विभाग के कर्मचारी उपस्थित थे।