शिक्षक समायोजन पर 'विवाद' का साया! पुरानी मान्यता के भरोसे विभाग ने निपटा दी प्रक्रिया, शिक्षकों में नाराजगी

Teacher Adjustment Dispute Maharashtra: माध्यमिक शिक्षा विभाग की शिक्षक समायोजन प्रक्रिया विवादों में। अद्यतन सूची और स्कूलों की मान्यता की अनदेखी के आरोप। प्रहार संघ ने दी थी बहिष्कार की चेतावनी।
Secondary Education Department's teacher adjustment process in dispute over outdated lists and school recognition. Prahar Sangh raises concerns.
वर्धा शिक्षा विभाग (फाइल फोटो)
Published on: 
Updated on: 

Secondary Education Department: माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से 25 मार्च को अतिरिक्त नियुक्त किए जाने वाले शिक्षक और शिक्षा सहायक कर्मचारियों की समायोजन प्रक्रिया चलायी गई। लेकिन इस प्रक्रिया के दौरान, माध्यमिक शिक्षा अधिकारी द्वारा अद्यतन सूची और स्कूलों की मान्यता को अनदेखा करने के कारण यह समायोजन अब विवाद के घेरे में आ गया है।

स्कूलों की मान्यता पूरी होने के बाद ही शिक्षक और शिक्षा सहायक कर्मचारियों की समायोजन की कार्यवाही अपेक्षित है। लेकिन मान्यता न होने के बावजूद, मंगलवार 17 मार्च को शिक्षण अधिकारी (माध्यमिक) जयश्री राऊत के कार्यालय में समायोजन से संबंधित शिक्षक और कर्मचारियों द्वारा दर्ज शिकायतों की सुनवाई की गई।

इसके बाद, समायोजन के लिए योग्य 90 शिक्षक और 37 शिक्षा सहायक कर्मचारियों की प्रक्रिया 25 मार्च को पूरी की गई। इस दौरान प्रक्रिया को अत्यंत पारदर्शी तरीके से संचालित करने का दावा किया गया। हालांकि, वास्तविकता में माध्यमिक और उच्च माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ. महेश पालकर के पत्र के आधार पर जिन स्कूलों की मान्यता अद्यतन नहीं थी, उनके पिछले वर्ष की मान्यता को मानकर समायोजन किया गया।

कई स्कूलों और संस्थाओं द्वारा सूची स्पष्ट न किए जाने के बावजूद, वहां के शिक्षक इस समायोजन में शामिल किए गए। उदाहरण के लिए, न. प. स्कूल आर्वी, मॉडल हाईस्कूल आर्वी, विदर्भ यूथ वेलफेयर सोसाइटी अमरावती जैसे स्कूलों ने अपनी सूची स्पष्ट नहीं की थी।

इसी बीच, समायोजन प्रक्रिया शुरू होने पर प्रहार शिक्षक संघ ने 'शून्य शिक्षकों वाले स्कूल' का मुद्दा उठाकर बहिष्कार की चेतावनी दी। चर्चा के बाद प्रहार की मांगें मान ली गईं और समायोजन प्रक्रिया से लगभग 23 शिक्षकों को बाहर रखा गया। इस मामले में माध्यमिक शिक्षा विभाग की स्थिति जानने के लिए जयश्री राउत से संपर्क किया गया, लेकिन उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।

शाम तक चलायी गई प्रक्रिया

25 मार्च को माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से शिक्षक और शिक्षा सहायक कर्मचारियों की समायोजन प्रक्रिया सुबह 11 से शाम 6 बजे तक शिक्षक और इसके बाद शिक्षा सहायक कर्मचारियों के लिए संचालित की गई। अद्यतन सूची और स्कूलों की मान्यता को अनदेखा कर इस प्रक्रिया को चलाया गया, जिससे शिक्षक और कर्मचारियों में नाराजगी रही। लेकिन फिलहाल शिक्षक और कर्मचारियों ने दबे-मुंह यह स्थिति स्वीकार की है।

निर्णय का आधार क्या है?

पुणे के माध्यमिक और उच्च माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ. महेश पालकर ने 18 मार्च 2026 को शिक्षक और शिक्षा सहायक कर्मचारियों के समायोजन के संबंध में आदेश जारी किया। इस आदेश में कहा गया कि 2025-26 की मान्यता कार्य तत्काल पूर्ण की जाए। अगर 2025-26 की मान्यता पूरी नहीं हुई, तो पिछली वर्ष 2024-25 की मान्यता को मानकर समायोजन किया जाए, यदि विद्यार्थी संख्या में कमी न हुई हो। आदेश में यह भी कहा गया कि मान्यता न होने पर अधिक के पद का वेतन और भत्ते नहीं दिए जाएंगे।

प्रहार संघ का समायोजन में सहयोग

प्रहार शिक्षक संघ के नागपुर विभाग प्रमुख अजय भोयर ने कहा शत-प्रतिशत मान्यता प्राप्त न होने और शून्य शिक्षकों वाले स्कूलों पर नीति न होने के कारण प्रहार शिक्षक संघ ने बहिष्कार की चेतावनी दी। लेकिन जिन स्कूलों की 2025-26 मान्यता नहीं हुई थी, वहां 2024-25 की मान्यता मानकर समायोजन किया गया। शून्य शिक्षकों वाले स्कूलों के लिए सरकार ने 24 मार्च को आदेश दिया कि कक्षा 9 और 10 में 30 या 40 छात्रों की स्थिति में 3 शिक्षक मंजूर किए जाएं। इससे शून्य शिक्षकों वाले स्कूलों को कुछ राहत मिली। इसके पालन के कारण प्रहार संघ ने समायोजन प्रक्रिया में सहयोग किया।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com