Chhatrapati Sambhajinagar: इम्तियाज जलील पर केस दर्ज करने की मांग, स्थायी समिति की बैठक में जमकर हंगामा
Chhatrapati Sambhajinagar Controversy: छत्रपति संभाजीनगर महानगरपालिका की बैठक में इम्तियाज जलील पर केस दर्ज करने की मांग को लेकर भारी हंगामा। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच हुई तीखी नोकझोंक
- Written By: गोरक्ष पोफली
इम्तियाज जलील (सोर्स: सोशल मीडिया)
FIR Register Demand On Imtiaz Jalil: छत्रपति संभाजीनगर के सिडको एन-12 स्थित कचरा ट्रान्सफर स्टेशन पर काम में कथित बाधा डालने के मामले को लेकर सोमवार को महानगरपालिका की स्थायी समिति की बैठक में तीखी बहस देखने को मिली। भाजपा पार्षदों ने प्रशासन से सवाल करते हुए कहा कि यदि आंदोलन में एमआईएम के प्रदेशाध्यक्ष भी शामिल थे और काम में अड़चन डाली गई, तो उनके खिलाफ अब तक मामला दर्ज क्यों नहीं किया गया। इस पर स्थायी समिति के सभापति अनिल मकरिये ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि जांच में यदि उनकी भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी अपराध दर्ज किया जाए।
मनपा मुख्यालय के प्रशासनिक सभागार में आयोजित बैठक में भाजपा पार्षद राजगौरव वानखेडे और सुरेंद्र कुलकर्णी ने यह मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया। उन्होंने कहा कि शहर के कचरा प्रबंधन को मजबूत करने के लिए सिडको एन-12 में कचरा ट्रांसफर स्टेशन पर मशीनरी लगाने का काम शुरू किया गया था। यह ट्रांसफर स्टेशन वर्ष 2018 से कार्यरत है, लेकिन हाल ही में शहर से कचरा उठाने के लिए नई एजेंसी की नियुक्ति के बाद वहां नई व्यवस्था लागू की जा रही है।
कचरा ट्रांसफर स्टेशन विवाद को लेकर गरमाई राजनीति
भाजपा पार्षदों ने आरोप लगाया कि 7 अप्रैल को जब मशीनरी स्थापित करने का काम चल रहा था, उसी समय एमआईएम के प्रदेश अध्यक्ष इम्तियाज जलील पार्षदों और कार्यकर्ताओं के साथ मौके पर पहुंचे और वहां हंगामा किया। उन्होंने कहा कि इस दौरान ट्रांसफर स्टेशन के काम में बाधा डाली गई और माहौल तनावपूर्ण बना दिया गया। वानखेडे ने आरोप लगाया कि एमआईएम के पदाधिकारियों और नगरसेवकों ने एन-12 ट्रान्सफर स्टेशन के साथ-साथ एन-8 अस्पताल और मेल्ट्रॉन अस्पताल परिसर में भी जाकर दबाव बनाने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि इस तरह की दादागिरी से शहर में गलत संदेश जा रहा है।
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सभापति ने दिए जांच और कार्रवाई करने के आदेश
मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थायी समिति के सभापति अनिल मकरिये ने प्रशासन को निर्देश दिए कि पूरे प्रकरण की जांच की जाए। यदि आंदोलन के दौरान काम में बाधा डालने की पुष्टि होती है और इसमें एमआईएम के प्रदेशाध्यक्ष जलील की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी मामला दर्ज किया जाए। आयुक्त अमोल येडगे ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जो भी कार्रवाई कानून के दायरे में होगी, वह की जाएगी। उन्होंने उपायुक्त को घटना की जांच कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
शांत रहे एमआईएम पार्षद
सभापति द्वारा आंदोलन में शामिल लोगों के खिलाफ अपराध दर्ज करने के निर्देश दिए जाने के दौरान बैठक में मौजूद एमआईएम के पार्षद पूरी तरह शांत रहे। उन्होंने इस मुद्दे पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी और पूरे समय चुप्पी साधे रखी। बैठक में आयुक्त अमोल येडगे, अतिरिक्त आयुक्त रणजित पाटील और कल्पिता पिंपले, नगर सचिव नंदकिशोर भोंबे सहित कई पार्षद उपस्थित थे।
