अकोला में सोयाबीन के दाम में आई वृधि, 7000 रुपये प्रति क्विंटल, किसानों की बुआई बढ़ाने की तैयारी

Akola Soybean Prices Increase: अकोला में सोयाबीन के दाम 7,000 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गए हैं। बढ़ती मांग और कम आवक के कारण किसानों का रुझान इस बार सोयाबीन की बुआई बढ़ाने की ओर है।
Akola Soybean Prices Increase To 7000 Per Quintal Farmers Plan Higher Sowing
सोयाबीन (सोर्स:AI)
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Akola Soybean Prices Increase To 7000 Per Quintal: जिले सहित प्रदेश की कृषि उपज मंडियों में पिछले कुछ दिनों से सोयाबीन की आवक में कमी आई है। उत्पादन घटने और बाजार में मांग बढ़ने के कारण सोयाबीन के भाव में लगातार तेजी देखने को मिल रही है।

वर्तमान में सोयाबीन को करीब 7 हजार रुपये प्रति क्विंटल तक का भाव मिल रहा है, जिससे इस वर्ष किसान सोयाबीन की बुआई बढ़ाने की तैयारी कर रहे हैं। देशभर में सोयाबीन उत्पादन में कमी, सोयाबीन तेल की कीमतों में बढ़ोतरी, अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों, मध्य एशिया में युद्ध जैसी स्थितियों तथा सोयाबीन खली ढेप के बढ़े हुए दामों के कारण बाजार में सोयाबीन की मांग बढ़ी है।

दो महीनों में बदली तस्वीर

पिछले खरीफ सीजन के दौरान किसानों को सोयाबीन का केवल 4,500 रुपये प्रति क्विंटल तक भाव मिला था। कम दाम मिलने के कारण कई किसानों ने अपनी उपज रोककर रखी, लेकिन दिसंबर और जनवरी तक भी भाव में विशेष सुधार नहीं होने पर अधिकांश किसानों ने मजबूरी में कम दाम पर ही सोयाबीन बेच दिया।

इसके बाद पिछले दो महीनों में सोयाबीन के भाव में तेजी आई और कीमतें 6 हजार से 7 हजार रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गईं। जिले की अधिकांश अकोला में कृषि उपज मंडियों में सोयाबीन को 7 हजार रुपये के आसपास का भाव मिल रहा है, जो पिछले चारपांच वर्षों में सबसे अधिक माना जा रहा है।

भाव बढ़े तो खाली हो चुके किसानों के गोदाम

व्यापारियों को हो रहा अधिक लाभ हालांकि अधिकांश किसानों के पास अब सोयाबीन का भंडार नहीं बचा है, इसलिए इस बढ़े हुए भाव का अधिक लाभ व्यापारियों को मिल रहा है। हाल ही में अकोला कृषि उपज मंडी में सोयाबीन की 1,218 क्विंटल आवक दर्ज की गई, जहां किसानों को 4,850 रुपये से लेकर 6,915 रुपये प्रति क्विंटल तक का भाव प्राप्त हुआ।

बुआई के समय सोयाबीन के अच्छे दाम मिलने से किसानों का रुझान इस फसल की ओर बढ़ा है। पिछले चारपांच वर्षों से कम कीमतों का सामना कर रहे किसान इस बार बेहतर बाजार भाव को देखते हुए सोयाबीन की खेती का क्षेत्र बढ़ा सकते हैं।