सुशासन सप्ताह में प्रशासनिक अधिकारियों को मार्गदर्शन, तकनीक का उपयोग मानव हित में जरूरी: मुंडे
Good Governance Week: सुशासन सप्ताह में सेवानिवृत्त आयुक्त भास्कर मुंडे ने कहा कि त्वरित समस्या समाधान, अधिकारों का विकेंद्रीकरण, पारदर्शिता और तकनीक का मानव हित में उपयोग ही सुशासन की पहचान है।
- Written By: अंकिता पटेल
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Administrative Reforms Hindi News: छत्रपति संभाजीनगर सेवानिवृत्त विभागीय आयुक्त भास्कर मुंडे ने सरल व प्रभावी तरीके से सुशासन की अवधारणा समझाते हुए कहा कि कम समय में नागरिकों की समस्याओं का समाधान करना व प्रशासनिक अधिकारों का विकेंद्रीकरण जरूरी है।
उनका मत था कि विभिन्न स्तरों पर भेजी जाने वाली जानकारी सटीक व पूर्ण होनी चाहिए, क्योंकि इसी के आधार पर नीतिगत निर्णय लिए जाते हैं। पारदर्शिता, स्पष्ट सोच व जनहित को केंद्र में रखकर लिए गए निर्णय ही सुशासन की पहचान है।
तकनीक का उपयोग मानव हित के लिए करने व प्रत्येक नागरिक की बात ध्यानपूर्वक सुनने का सुझाव भी उन्होंने दिया। सुशासन सप्ताह के अवसर पर जिलाधिकारी कार्यालय के जिला नियोजन समिति सभागार में बोल रहे थे। पर पुलिस अधीक्षक अन्नपूर्णा सिंह संग विभिन्न विभागों के प्रमुख अधिकारी व कर्मी मौजूद थे।
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सुशासित बनाने के लिए करें पहलः डीएम
जिलाधिकारी दिलीप स्वामी ने कहा कि जिला प्रशासन ने इसे अधिक लोकाभिमुख व सुशासित बनाने के लिए कई पहलें की हैं। ‘जिलाधिकारी तहसील के द्वार’, ‘एक हाथ मदद का’, दशसूत्री कार्यक्रम, ‘आवेदन दें, ऋण लें’, ‘जलसमृद्ध गांव’ जैसे पहलों की जानकारी पेश की।
समापन पर सीईओ अंकित ने आभार मान कहा कि कानून सकारात्मक व संवेदनशील क्रियान्वयन से ही सुशासन संभव है। प्रशासन एक टीम के के रूप में कार्य करें। उपजिलाधिकारी संगीता राठौड़ ने सुशासन सप्ताह मनाने के उद्देश्य व महत्व की जानकारी दी।
जिला प्रशासन की ओर से किए गए विभिन्न कार्यक्रमों का प्रस्तुतिकरण किया गया। इसमें सूचना प्रौद्योगिकी अधिकारी शरद दिवेकर ने दस्तावेज प्रमाणीकरण पर, माली ने जिलाधिकारी कार्यालय व जिप शिक्षा विभाग के समन्वय से संचालित दशसूत्री कार्यक्रम की जानकारी दी।
आधुनिक तकनीक का करें उपयोग
संभागीय आयुक्त जितेंद्र पापलकर ने कहा कि जब तक सभी योजनाओं का लाभ समाज तक नहीं पहुंचता, तब तक सुशासन की संकल्पना साकार नहीं हो सकती। संवेदनशील संवाद, तकनीक का प्रभावी उपयोग व प्रशासनिक कार्यों में गतिशीलता लाने का सुझाव उन्होंने मातहत अधिकारियों व कर्मियों को दिया।
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विकसित भारत के लक्ष्य के तहत सुशासन सप्ताह में डिजिटल चैटबॉट, क्यूआर कोड, ऑनलाइन प्रमाण-पत्र जैसी तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है। नागरिकों सुविधाएं प्रदान करने के लिए प्रशासनिक अधिकारी पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करें।
