Chhatrapati Sambhajinagar Health Department ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Chhatrapati Sambhajinagar Health Department: छत्रपति संभाजीनगर ग्रामीण क्षेत्रों के साथ अब शहरों में भी फर्जी डॉक्टरों, तथाकथित वैद्यों और बंगाली डॉक्टरों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। बिना किसी मान्यता प्राप्त चिकित्सकीय डिग्री के ये लोग पीलिया, बवासीर, यौन समस्याओं से लेकर कैंसर तक के इलाज का दावा करते हैं।
कई मामलों में मरीजों पर अघोरी और अवैज्ञानिक उपचार भी किए जाते हैं। पिछले एक वर्ष में जिले में ऐसे पांच फर्जी मुन्नाभाई डॉक्टरों को पकड़कर उनके खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं।
बिना किसी अधिकृत चिकित्सा शिक्षा या लाइसेंस के कई लोग वर्षों से मरीजों की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं। जिले में ऐसे कई फर्जी मुन्नाभाई डॉक्टर सक्रिय हैं और उनके खिलाफ शिकायतें भी मिलती रहती हैं।
इसके बावजूद समय पर कार्रवाई नहीं होने पर सवाल उठते हैं। हाल ही में जिलाधिकारी के निर्देश के बाद स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई करते हुए इन फर्जी मुन्नाभाई डॉक्टरों के खिलाफ मामले दर्ज किए।
नियमों के अनुसार केवल एमबीबीएस, बीएएमएस, बीयूएमएस और बीएचएमएस की मान्यता प्राप्त डिग्री वाले पंजीकृत डॉक्टर ही मरीजों का उपचार कर सकते है।
लेकिन कुछ लोग बिना किसी वैद्यकीय अनुमति के गांवों और शहरों में क्लीनिक खोलकर मरीजों का इलाज कर रहे है। गरीच और अशिक्षित लोगों की मजबूरी का फायदा उठाते हुए ये लोग आयुर्वेदिक या यूनानी इलाज के नाम पर पीलिया, बवासीर, यौन रोग और कैसर तक के इलाज का दावा करते हैं।
अधिकाश फर्जी मुन्नाभाई डॉक्टरों के पास न तो कोई मान्यता प्राप्त चिकित्सकीय डिग्री होती है और न ही पैच पंजीकरण, कई बार वे नकली प्रमाणपत्रों के सहारे लोगों को भ्रमित करते हैं।
कई मामलों में मरीजों को अज्ञात जड़ी-बूटियों की पुड़ियां देकर इलाज किया जाता है, कुछ जगहों पर अघोरी और अवैज्ञानिक उपचार भी किए जाते हैं, जिससे कई मरीजों की हालत गंभीर हो जाती है और कुछ मामलों में स्थायी विकलांगता तक देखी गई है।
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अक्सर ऐसे लोग पहले किसी डॉक्टर के यहां कंपाउंडर या सहायक के रूप में काम करते हैं। वहां से थोड़ी-बहुत जानकारी मिलने के बाद वे अपना खुद का क्लीनिक खोल लेते हैं और मरीजों का इलाज शुरू कर देते हैं, क्लीनिक में वैध चिकित्सकीय डिग्री का अभाव, जड़ी-बूटी या कागज की पुड़ियों में दवा देना, अधोरी उपचार करना और बहुत कम पैसों में गंभीर बीमारियों का इलाज करने का दावा करना ये फर्जी मुन्नाभाई डॉक्टरों की प्रमुख पहचान मानी जाती है।