छत्रपति संभाजीनगर में बाढ़ का कहर; नदियां उफान पर, फसलें बर्बाद, अलर्ट जारी

Chhatrapati Sambhaji Nagar: छत्रपति संभाजीनगर में आठ दिनों से बारिश जारी है। नदियां और नाले उफान पर हैं, खेतों की फसलें बर्बाद हो गई हैं। मौसम विभाग ने जिले में अलर्ट जारी किया है।
छत्रपति संभाजीनगर में बाढ़ (pic credit; social media)
छत्रपति संभाजीनगर में बाढ़ (pic credit; social media)
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Chhatrapati Sambhajinagar Flood: छत्रपति संभाजीनगर में आठ दिनों से लगातार बारिश ने शनिवार को प्रचंड रूप धारण कर लिया। शहर और जिले के कई हिस्सों में भारी बारिश हुई। सिल्लोड, कन्नड़ और फुलंत्री तहसीलों में सबसे अधिक नुकसान हुआ।

बारिश के कारण नदियां और नाले उफान पर आ गए हैं। नदी किनारे बसे गांवों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। खेतों में बची हुई फसलें भी अब बर्बाद हो गई हैं। इस कारण ग्रामीणों में चिंता का माहौल है।

मौसम विभाग ने जिले के लिए अंकिक अलर्ट जारी किया है। 27 से 30 सितंबर तक भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। शनिवार सुबह शहर और जिले में बादल छाए रहे और शाम 4:30 बजे से बारिश शुरू हुई।

बारिश तेजी से बढ़ी और प्रचंड रूप ले लिया। शाम 7:15 बजे तक जिले में भारी बारिश जारी रही। सिल्लोड़ में नदियों का जलस्तर बढ़ने के कारण कई गांवों में खतरा मंडराने लगा। नदी किनारे बसे नागरिकों को अपने घर और पशुओं की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी गई है।

मौसम विभाग ने बताया कि 29 सितंबर को येलो अलर्ट और उसके बाद ग्रीन अलर्ट जारी किया जाएगा। प्रशासन ने भी नदी और नालों के किनारे जाने से बचने, और अपने घर और संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है।

पिछले हफ्ते हुई बारिश से हुई तबाही की याद ताजा हो गई है। स्थानीय अधिकारी लगातार प्रभावित इलाकों का दौरा कर रहे हैं और राहत कार्यों की तैयारी कर रहे हैं। प्रशासन ने किसानों और ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर जाने और आवश्यक सामान तैयार रखने की सलाह दी है।

बारिश और बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिले में आपात राहत कार्यों के लिए प्रशासन, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग सतर्क हैं। अधिकारियों ने कहा कि नदी और नालों के किनारे रहने वाले नागरिकों को तुरंत सतर्क रहना चाहिए और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करना चाहिए।

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