जिलाधिकारी विनय गौड़ा (सोर्स: सोशल मीडिया)
Chhatrapati Sambhajinagar DM Vinay Gowda: जिले की प्रशासनिक कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी और तीव्र बनाने के लिए जिलाधिकारी विनय गौड़ा ने कड़े तेवर अपना लिए हैं। कलेक्ट्रेट में आयोजित बैठक के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि अब फाइलों को लटकाने की परंपरा समाप्त होगी। जिलाधिकारी ने ई-फाइलिंग प्रणाली को 100 प्रतिशत लागू करने और लंबित राजस्व मामलों को एक माह के भीतर निपटाने का अल्टीमेटम दिया है।
जिले में म्यूटेशन (नामांतरण) के मामलों की बढ़ती संख्या पर चिंता व्यक्त करते हुए जिलाधिकारी ने राजस्व विभाग के अधिकारियों को फटकार लगाई। वर्तमान में जिले में 10,000 से अधिक म्यूटेशन के मामले लंबित हैं। डीएम ने पटवारी, मंडल अधिकारी और तहसीलदारों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इन सभी प्रकरणों का निपटारा अगले एक महीने के भीतर सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि राजस्व विभाग में किसी भी प्रकार की देरी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
प्रशासनिक सुधारों की जानकारी देते हुए विनय गौड़ा ने बताया कि जिले में ई-फाइलिंग प्रणाली को शानदार प्रतिक्रिया मिल रही है। वर्तमान स्थिति में लगभग 80% सरकारी कार्य ई-फाइलिंग के जरिए हो रहे हैं। इसे जल्द ही 100% तक ले जाने का लक्ष्य है। इससे फाइलों के एक टेबल से दूसरे टेबल तक जाने में लगने वाले समय की बचत हो रही है और भ्रष्टाचार की संभावना भी कम हुई है। अब डीएम स्वयं इस पोर्टल के जरिए निगरानी करेंगे कि कौन सी फाइल किस अधिकारी के पास कितने समय से रुकी है।
वर्ष 2027 में नासिक में आयोजित होने वाले सिंहस्थ कुंभ मेला को देखते हुए छत्रपति संभाजीनगर के तीर्थस्थलों के कायाकल्प की तैयारी शुरू हो गई है। प्रशासन ने एलोरा, घृष्णेश्वर और पैठण जैसे महत्वपूर्ण स्थलों के विकास के लिए 950 करोड़ रुपये का प्रारंभिक प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा है। एलोरा के विकास के लिए 800 करोड़ रुपये और पैठण व आपेगांव के लिए 150 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। बजट की विशालता को देखते हुए इसे प्राथमिकता के आधार पर चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।
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बैठक में मतदाता सूची पुनरीक्षण और जनगणना कार्यों की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने ग्रामीण क्षेत्रों के कार्य पर संतोष व्यक्त किया, लेकिन शहर में अपेक्षित प्रगति न होने पर चिंता जताई। उन्होंने अधिकारियों को जनगणना कार्य को प्राथमिकता देने और शेष 20% कार्य को जल्द से जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं।