सरकारी वकील को 23 तक पुलिस रिमांड, न्यायाधीश एसके कुलकर्णी का आदेश
Sambhajinagar: सहायक सरकारी लोक अभियोजक शरद बांगर को 2 लाख की रिश्वत मांगने और 1.5 लाख लेने के आरोप में अदालत ने 23 नवंबर तक पुलिस कस्टडी में भेजा। ACB पहले के लेन-देन और मध्यस्थों की जांच कर रही है।
- Written By: अपूर्वा नायक
फाइल फोटो
Chhatrapati Sambhajinagar News In Hindi: रिश्वत खोरी के मामले में निर्दोष साबित हुए एक सेवानिवृत्त सहायक फौजदार के खिलाफ उच्च न्यायालय में अपील न करने के लिए 2 लाख की घुस मांगने व उसमें से 1.5 लाख रुपए स्वीकार करने के आरोप में फंसे सहायक सरकारी लोक अभियोजक शरद बंसी बांगर को रविवार, 23 नवंबर तक पुलिस कस्टडी में भेजने का आदेश विशेष न्यायाधीश बएसके कुलकर्णी ने दिया।
सन 2022 में शिकायतकतों के खिलाफ जवाहर नगर पुलिस थाने में रिश्वतखोरी का केस दर्ज हुआ था। इस मामले में बांगर सरकारी वकील के रूप में कार्यरत थे। आरोप है कि मामले में मदद के लिए उन्होंने 2 लाख रुपये की मांग की, जो शिकायतकर्ता ने किश्तों में दिए भी।
19 नवंबर 2024 को अदालत ने शिकायतकर्ता को निर्दोष बरी कर दिया। इसके बाद हाई कोर्ट में अपील दाखिल न करने के लिए बांगर ने 2 लाख रुपये की और मांग की थी।
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इसमें से डेढ लाख पहले ही बांगर को दे दिए थे, जबकि शेष 50 हजार रुपये रिटायर्ड के बाद देने का तय हुआ था। इसके बाद बांगर ने अपने सहायक अधिवक्ता अभिमान करपे के फोन से संपर्क कर बार-बार 50 हजार रूपये की मांग की।
घूस मामले में अरेस्ट
संदेह होने पर शिकायतकर्ता ने यह रकम देने से इनकार किया व मामला वेदांतनगर पुलिस थाने में दर्ज कराया, गुरुवार को आरोपी बांगर को न्यायालय में पेश किया गया, एसीबी की ओर से उपस्थित सहायक सरकारी लोक अभियोजक नितीन कहाणे ने अदालत को बताया कि आरोपी जांच में रहयोग नहीं कर रहा।
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उन्होंने अदालत में कहा कि बांगर की ओर से पहले लिए गए पैसों से जुड़े सबूतों की जांच करना आवश्यक है, रिश्वत लेन-देन में किन लोगों ने मध्यस्थी की। इसकी भी पड़ताल की जानी है व आरोपी के और साधी है या नहीं। यह भी जांच के दायरे में है। इन्हीं आवारों पर एसीबी ने पुलिस कस्टडी की मांग की, जिसे अदालत ने मंजूर किया।
