स्वच्छ सर्वेक्षण 2026 से पहले BMC का बड़ा फैसला: मलबा प्रबंधन होगा वैज्ञानिक, लापरवाही पर कार्रवाई
Mumbai BMC Waste Management Plan 2026: मुंबई को स्वच्छ बनाने के लिए BMC ने निर्माण मलबे के वैज्ञानिक प्रबंधन के निर्देश दिए हैं। हर वार्ड में अलग योजना बनेगी और अवैध डंपिंग पर सख्ती की जाएगी।
- Written By: अपूर्वा नायक
डॉ अश्विनी जोशी ने मुंबई सीएनडी वेस्ट मैनेजमेंट प्लान से जुड़ी मीटिंग ली (सौ. सोशल मीडिया )
Mumbai BMC Waste Management Plan 2026: मुंबई शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखने के लिए अब केवल नियमित सफाई पर निर्भर न रहते हुए, निर्माण और ध्वस्तीकरण मलबे (सी एंड डी वेस्ट) का वैज्ञानिक तरीके से संग्रह करने के निर्देश बीएमसी प्रशासन ने दिए हैं।
इसके लिए प्रत्येक विभाग स्तर (वार्ड लेवल) पर स्वतंत्र प्रबंधन योजना तैयार करने के आदेश अतिरिक्त मनपा आयुक्त (शहर) डॉ अश्विनी जोशी ने गुरुवार को दिए, स्वच्छ सर्वेक्षण-2026 और मुंबई क्लीन लीग के मद्देनजर पूर्व और पश्चिम उपनगरों में स्वच्छता कार्यों की समीक्षा के लिए एम वेस्ट और एच वेस्ट विभाग कार्यालयों में विशेष बैठक आयोजित की गई।
मलबे का रखा जाएगा पूरा हिसाब
इस दौरान डॉ जोशी ने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए काम में अधिक पारदर्शिता और तेजी लाने के निर्देश दिए, बैठक में उपायुक्त भाग्यश्री कापसे, विश्वास मोटे, किरण दिघावकर, संतोषकुमार धोंडे, संध्या नांदेडकर, मनीष वलंजू सहित विभिन्न विभागों के सहायक आयुक्त उपस्थित थे।
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🔹मुंबई महानगर स्वच्छ आणि सुंदर ठेवण्यासाठी संपूर्ण मुंबईत अत्यंत गांभीर्याने आणि जबाबदारीने स्वच्छताविषयक कार्यवाही होणे गरजेचे आहे. या अनुषंगाने, नियमित स्वच्छतेसोबत बांधकाम व पाडकाम राडारोडा (सी अँड डी वेस्ट) संकलन योग्यप्रकारे करावे. यासाठी प्रत्येक विभागस्तरावर राडारोडा… pic.twitter.com/coaZxdJRgp — माझी Mumbai, आपली BMC (@mybmc) April 30, 2026
उपनगरी में कचरा संग्रहण के लंबित कार्य और विशेष देखभाल वाले कचरे पर भी कंप्यूटर प्रस्तुति के माध्यम से चर्चा की गई। शहर में कई स्थानों पर अवैध रूप से मलबा फेंका जाता है, जिससे स्वच्छता रैंकिंग पर असर पड़ता है। इसे रोकने के लिए प्रत्येक विभाग को अपने क्षेत्र में ऐसे स्थानों की पहचान करनी होगी। वहां कितना मलबा डाला जाता है और उसका निपटान कैसे किया जाता है, इसकी विस्तृत जानकारी अब योजना में शामिल करना अनिवार्य होगा।
स्वच्छता केवल कागजों तक सीमित न रहकर जमीनी स्तर पर दिखाई देनी चाहिए। यांत्रिक तरीके से की जाने वाली सफाई को और प्रभावी बनाकर मुंबई को स्वच्छता रैंकिंग में शीर्ष स्थान पर लाने के प्रयास किए जाएं।
– डॉ अश्विनी जोशी, अतिरिक्त मनपा आयुक्त (शहर)
स्वच्छता के दो स्तर
- सुबह का सत्रः इस दौरान मनपा के अधिकृत सफाई कर्मचारियों की पूरी क्षमता का उपयोग कर मुख्य सड़कों और क्षेत्रों की सफाई की जाएगी।
- दोपहर का सत्रः इसके बाद सड़क सफाई योजना या पिंक आर्मी के माध्यम से स्वच्छता बनाए रखी जाएगी।
- पर्यवेक्षण: केवल कर्मचारी तैनात करना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि घनकचरा प्रबंधन विभाग के कार्यकारी अभियंता स्वयं क्षेत्र का दौरा कर सफाई की जांच करेंगे।
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अनुपस्थित कर्मचारियों पर होगी कड़ी कार्रवाई
स्वच्छता कार्य में जनशक्ति की कमी न हो, इसके लिए डॉ। जोशी ने कड़ा रुख अपनाया है। जो कर्मचारी लंबे समय से छुट्टी पर हैं या बिना कारण अनुपस्थित रहते हैं, उनके खिलाफ तत्काल प्रशासनिक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
