
चंद्रशेखर बावनकुले (सोर्स: सोशल मीडिया)
Chandrashekhar Bawankule Amravati Visit News: महानगरपालिका चुनाव की रणभेरी बजते ही राजनीतिक दलों में जोड़-तोड़ और खींचतान का दौर शुरू हो गया है। अमरावती में इस समय सबसे अधिक हलचल भारतीय जनता पार्टी के भीतर देखी जा रही है। पार्टी में बड़े पैमाने पर हुई बगावत और निष्ठावान कार्यकर्ताओं की नाराजगी को दूर करने के लिए जिले के पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले आज शहर के दौरे पर हैं। उनके साथ राज्यमंत्री पंकज भोयर भी शहर पहुंच रहे हैं।
भाजपा में इस बार टिकट बंटवारे को लेकर कार्यकर्ताओं का गुस्सा सातवें आसमान पर है। आरोप है कि पार्टी के पुराने और निष्ठावान कार्यकर्ताओं को दरकिनार कर कांग्रेस और अन्य दलों से आए पदाधिकारियों को उम्मीदवार बनाया गया है। इस ‘पैराशूट लैंडिंग’ की वजह से भाजपा दो खेमों में बंटती नजर आ रही है। बुधवार को गुस्साए कार्यकर्ताओं ने चुनाव प्रमुखों और पदाधिकारियों पर अपनी भड़ास निकाली, जिससे शहर का सियासी पारा चढ़ गया है।
पार्टी के भीतर केवल बगावत ही नहीं, बल्कि तकनीकी मोर्चे पर भी बड़ी लापरवाही सामने आई है। राजापेठ प्रभाग से भाजपा के अधिकृत उम्मीदवार राजेश शादी का नामांकन त्रुटियों के चलते रद्द हो गया है। वहीं, रुक्मिणी फ्रेजरपुरा प्रभाग में अर्पणा ठाकरे समय पर पार्टी का ‘एबी फॉर्म’ नहीं जोड़ सकीं, जिसके कारण अब उन्हें निर्दलीय के तौर पर चुनाव लड़ना पड़ेगा। इन घटनाओं ने पार्टी की चुनावी तैयारियों पर सवालिया निशान लगा दिए हैं।
साईं नगर प्रभाग इस समय चुनाव का सबसे चर्चित केंद्र बना हुआ है। यहां भाजपा नेता तुषार भारतीय और विधायक रवि राणा के करीबी सचिन भेंडे के बीच सीधा मुकाबला है। तुषार भारतीय ने भेंडे के नामांकन पर ‘मनपा ठेकेदार’ होने का आरोप लगाकर आपत्ति जताई थी। बुधवार देर रात बडनेरा चुनाव कार्यालय पर भारी गहमागहमी रही, लेकिन चुनाव अधिकारियों ने इन आरोपों को खारिज करते हुए सचिन भेंडे की उम्मीदवारी बरकरार रखी, जिसके बाद उनके समर्थकों ने जमकर जश्न मनाया।
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भाजपा के इस आंतरिक कलह पर प्रहार जनशक्ति संगठन के प्रमुख बच्चू कडू ने चुटकी ली है। उन्होंने बेहद कड़े शब्दों में कहा कि केंद्र और राज्य में सत्ता होने के बावजूद भाजपा अपने समर्पित कार्यकर्ताओं का सम्मान नहीं कर पा रही है। कडू ने तंज कसते हुए कहा कि जिन लोगों ने सालों तक पार्टी के लिए दरी बिछाई, आज उनका टिकट काटकर दूसरों को दिया जा रहा है, ऐसे नेतृत्व को ‘शर्म आनी चाहिए’।
बिगड़ते हालातों को संभालने के लिए पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले दोपहर 12:30 बजे अंबादेवी संस्थान में दर्शन के बाद पदाधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। वहीं, राज्यमंत्री डॉ. पंकज भोयर अंजनगांव सुर्जी में दर्शन के पश्चात संगठनात्मक चर्चा करेंगे। अब देखना यह है कि क्या बावनकुले बागियों को नामांकन वापस लेने के लिए मनाने में सफल होते हैं या बगावत की यह चिंगारी भाजपा के विजय रथ को रोक देगी।






