होटल में घुसकर जान से मारने की धमकी, प्रसाद लाड के मनोज जरांगे पाटिल से मिलने से पहले संभाजीनगर में क्या हुआ
Prasad Lad Manoj Jarange Patil Threat Sambhajinagar: मनोज जरांगे पाटिल से मिलने से पहले छत्रपति संभाजीनगर में भाजपा विधायक प्रसाद लाड को जान से मारने की धमकी, दो आरोपी हिरासत में।
- Written By: अनिल सिंह
मनोज जरांगे और प्रसाद लाड (फोटो क्रेडिट-X)
Prasad Lad Manoj Jarange Patil: महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण का मुद्दा एक बार फिर गरमाता जा रहा है। आंदोलन के प्रणेता मनोज जरांगे पाटिल ने सरकार को अपनी मांगों पर विचार करने के लिए 23 मई तक का समय दिया था। इस गतिरोध को सुलझाने और 30 मई से होने वाली संभावित भूख हड़ताल को टालने के लिए मुख्यमंत्री के दूत के रूप में भाजपा नेता प्रसाद लाड को कमान सौंपी गई थी। लेकिन इस बेहद संवेदनशील राजनीतिक बातचीत के शुरू होने से पहले ही छत्रपति संभाजीनगर के उस होटल के बाहर भारी ड्रामा हुआ, जहां प्रसाद लाड ठहरे हुए थे।
प्रसाद लाड ने खुद मीडिया को इस पूरे वाकये की जानकारी देते हुए बताया कि उनकी अंतरवाली सराटी रवानगी से पहले उनके पीए के पर्सनल मोबाइल पर लगातार धमकी भरे फोन आ रहे थे। फोन करने वाले योगेश शितोले पाटिल और गणेश उगले सीधे तौर पर उन्हें जान से मारने और होटल में घुसकर हमला करने की धमकी दे रहे थे। जैसे ही सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी थोड़े किनारे हटे, ये दोनों संदिग्ध युवक होटल परिसर के भीतर दाखिल हो गए। पकड़े जाने पर उन्होंने दावा किया कि वे केवल अपना बयान या ज्ञापन देने आए थे, लेकिन उनकी शारीरिक भाषा और इरादे बेहद हिंसक थे। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए दोनों को दबोच लिया, जबकि उनका एक अन्य साथी भागने में सफल रहा।
“मैं राजनीति नहीं, समाज के लिए आया हूँ”: प्रसाद लाड
इस खौफनाक घटना और भारी सुरक्षा घेरे के बीच प्रसाद लाड जालना जिले के अंतरवाली सराटी पहुंचे और मनोज जरांगे पाटिल से लंबी चर्चा की। लाड ने कहा, “मैं खुद एक मराठा हूँ और इस संवेदनशील विषय पर कोई ओछी राजनीति नहीं करना चाहता। मैं मन में किसी के प्रति नफरत लेकर आगे नहीं बढ़ रहा। मुझे पूरा विश्वास है कि मुख्यमंत्री और सरकार के वरिष्ठ नेता बातचीत के जरिए जल्द ही कोई सम्मानजनक रास्ता निकाल लेंगे।”
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मनोज जरांगे को प्रसाद लाड से बड़ी उम्मीदें
दूसरी तरफ, उग्र रुख अपनाने वाले मनोज जरांगे पाटिल के तेवर इस मुलाकात के बाद थोड़े नरम दिखाई दिए। जरांगे पाटिल ने प्रसाद लाड की तारीफ करते हुए कहा, “हमने लाड साहब की आंखों में मराठा समाज के प्रति सच्ची लगन और तड़प देखी है। इसलिए हमने उनसे अनुरोध किया है कि वे सरकार के सामने हमारी सही स्थिति रखें। अगर सरकार हमारी जायज मांगें मान लेती है, तो हमें बार-बार सड़कों पर उतरने या आंदोलन करने का कोई शौक नहीं है। पूरे मराठा समाज को अब प्रसाद लाड से बड़ी उम्मीदें हैं।”
30 मई के अनशन पर टिकीं सबकी निगाहें
प्रसाद लाड के ठोस आश्वासन पर भरोसा जताते हुए मनोज जरांगे पाटिल ने फिलहाल अपनी आगामी राज्यव्यापी ग्राम सभाओं के दौरों को रोक दिया है। हालांकि, उन्होंने साफ किया है कि यदि सरकार के नुमाइंदे 23 मई तक लिखित और ठोस प्रस्ताव लेकर नहीं आते हैं, तो 30 मई से अंतरवाली सराटी में उनका प्रस्तावित आमरण अनशन हर हाल में शुरू होकर रहेगा। इस पूरे घटनाक्रम ने आगामी विधानसभा चुनावों से पहले महाराष्ट्र की महायुति सरकार के सामने एक बड़ी अग्निपरीक्षा खड़ी कर दी है।
