ममता दीदी की हार ने चौंकाया, जरांगे पाटिल का दावा, जनता ने वोट नहीं दिया, फिर भी कैसे जीती भाजपा?

Maharashtra Politics: मनोज जरांगे पाटिल ने पश्चिम बंगाल चुनाव नतीजों पर संदेह जताया और महाराष्ट्र में बढ़ती गुंडागर्दी के लिए देवेंद्र फडणवीस सरकार को 'राक्षसी प्रवृत्ति' का बताया।
Mamata Didi's Defeat Comes as a Shock; Jarange Patil Claims: "The Public Did Not Vote So How Did the BJP Win?"
मनोज जारंगे (सोर्स: सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

Manoj Jarange Patil: मराठा आरक्षण आंदोलन के प्रमुख चेहरे मनोज जरांगे पाटिल ने देश के पांच राज्यों के चुनावी नतीजों और महाराष्ट्र की कानून व्यवस्था को लेकर राज्य सरकार पर अब तक का सबसे बड़ा हमला बोला है। सोलापुर के अकलुज में एक शोक सभा के दौरान पत्रकारों और कार्यकर्ताओं से बात करते हुए उन्होंने भाजपा की जीत की प्रक्रिया पर संदेह व्यक्त किया और राज्य में बढ़ते अपराध के लिए सीधे तौर पर उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को जिम्मेदार ठहराया।

बंगाल चुनाव के नतीजों पर शक

हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों में भाजपा ने तीन राज्यों में स्पष्ट बहुमत हासिल किया है, वहीं पश्चिम बंगाल में 15 साल पुराने ममता बनर्जी के किले को ढहाते हुए सत्ता पर कब्जा जमाया है। इन नतीजों पर हैरानी जताते हुए जरांगे पाटिल ने कहा, जिससे भी पूछो, वह कहता है कि हमने इन्हें मतदान नहीं किया, फिर भी ये जीत जाते हैं। पश्चिम बंगाल में ममता दीदी को हरा दिया गया, लेकिन लोग कहते हैं कि वह कभी हार ही नहीं सकतीं। मुझे पहले लगता था कि शायद सब ठीक है, लेकिन अब पक्का लग रहा है कि कहीं न कहीं कुछ बड़ी गड़बड़ है। इन्होंने चुनाव में कहीं न कहीं 'काडया' (गड़बड़ी) की है।

राक्षसी प्रवृत्ति की सरकार

महाराष्ट्र की कानून व्यवस्था पर नाराजगी जताते हुए जरांगे पाटिल ने उपमुख्यमंत्री और गृहमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में गुंडों का बोलबाला है। जरांगे पाटिल ने कहा, हमें ऐसे नेता मिले हैं जो गुंडों को जेल के अंदर एसी (AC) और मोबाइल फोन की सुविधाएं देते हैं। यह फडणवीस सरकार राक्षसी प्रवृत्ति की है और इसे अब सत्ता से उखाड़ फेंकना ही होगा। उन्होंने राज्य में बढ़ रही आपराधिक घटनाओं को लेकर सरकार की कार्यशैली पर कड़ा आक्रोश व्यक्त किया।

विपक्ष के सुर में सुर

मनोज जरांगे पाटिल की यह प्रतिक्रिया राहुल गांधी और ममता बनर्जी जैसे विपक्षी नेताओं के बयानों से मेल खाती है, जिन्होंने केंद्रीय जांच एजेंसियों और चुनावी मशीनरी के दुरुपयोग का आरोप लगाया है। जरांगे पाटिल का यह रुख आने वाले समय में महाराष्ट्र की राजनीति में नई गर्माहट पैदा कर सकता है, खासकर तब जब राज्य में भी चुनाव नजदीक हैं।

Navbharat Live
navbharatlive.com