संभाजीनगर मनपा का बजट 4000 करोड़ के करीब, अगले हफ्ते आएगा बड़ा बजट, शहर की योजनाओं पर नजर
Aurangabad Municipal Corporation: छत्रपति संभाजीनगर मनपा का 3,583 करोड़ का प्रारंभिक बजट अगले हफ्ते पेश होगा, चर्चा के बाद 500 करोड़ बढ़ोतरी से कुल बजट 4,000 करोड़ तक पहुंचने की संभावना।
- Written By: अंकिता पटेल
Chhatrapati Sambhajinagar Civic Budget( सोर्स: सोशल मीडिया )
Chhatrapati Sambhajinagar Civic Budget: छत्रपति संभाजीनगर महानगरपालिका का आगामी वित्तीय वर्ष का बजट अगले सप्ताह स्थायी समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। प्रशासन की ओर से तैयार किया जा रहा प्रारंभिक बजट लगभग 3 हजार 583 करोड़ 40 लाख 99 हजार रुपये का बताया जा रहा है।
हालांकि स्थायी समिति और सर्वसाधारण सभा में चर्चा के बाद इसमें लगभग 500 करोड़ रुपये की वृद्धि होने की संभावना व्यक्त की जा रही है। यदि यह बढ़ोतरी होती है तो महानगरपालिका का कुल बजट चार हजार करोड़ रुपये के आसपास पहुंच सकता है।
सूत्रों के अनुसार गत वर्ष 27 मार्च 2025 को मुख्य लेखा और वित्त अधिकारी संतोष बाहुली ने प्रशासक जी. श्रीकांत के समक्ष 3 हजार 83 करोड 40 लाख 99 हजार खर्च का बजट प्रस्तुत किया था। इसके बाद बजट में सुधार और विभिन्न विभागों के प्रस्तावों के आधार पर संशोधन की प्रक्रिया शुरू की गई है।
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शहर में जलापूर्ति योजना के लिए 822 करोड़ रुपये का अतिरिक्त प्रावधान
शहर की नई जलापूर्ति योजना के लिए महानगरपालिका को 822 करोड़ रुपये का कर्ज स्वीकृत किया गया है। वर्ष 2026-27 के दौरान यह राशि महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण को देनी होगी। इसके कारण बजट में 822 करोड़ रुपये का अतिरिक्त प्रश्वधान करना पड़ेगा।
अधिकारिथी के अनुसार इस राशि को बजट में शामिल करने से महानगरपालिका के कुल बजट का आकार और अधिक बढ़ जाएगा। सूत्रों का कहना है कि बजट में मुख्य रूप से स्थापना खर्च, अत्यावश्यक सेवाएं, निवृत्त कर्मचारियों की पेशन और बड़े विकास कार्यों के लिए आवश्यक निधि का प्रावधान किया जाएगा। यदि इन सभी मदों को जोड़ा जाए तो बजट का आकार चार हजार करोड़ रुपये के करीब पहुंच सकता है।
पांच साल बाद जनप्रतिनिधि करेंगे पेश
अप्रैल 2020 से महानगरपालिका में जनप्रतिनिधि नहीं होने के कारण पिछले साढ़े पांच वर्षों से प्रशासनिक स्तर पर ही बजट तैयार किया जा रहा है। इस दौरान महानगरपालिका प्रशासन ने शहर की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विभिन्न विकास योजनाओं को बजट में शामिल किया है।
कोरोना काल और उसके बाद की आर्थिक परिस्थितियों के बावजूद महानगरपालिका ने शहर के विकास कार्यों को जारी रखने का प्रयास किया है। महानगरपालिका आयुक्त जी. श्रीकांत ने प्रत्येक विभाग की समीक्षा की है।
किस विभाग को किन कार्यों के लिए निधि की आवश्यकता है। इस संबंध में विभागी से प्रस्ताव मांगे गए थे, अधिकांश विभागों ने अपने प्रस्ताव प्रशासन को सौंप दिए हैं और अब उनके आधार पर बजट का अंतिम स्वरूप तैयार किया जा रहा है। प्रशासनिक बजट लगभग 3 हजार 500 करोड़ रुपये के आसपास रहने की संभावना जताई जा रही है।
प्रत्येक प्रभाग के लिए दो करोड़ का प्रावधान
शहर में कुल 29 प्रभाग हैं। प्रत्येक प्रभाग से 4 नगरसेवक चुने जाते हैं। आगामी बजट में प्रत्येक नगरसेवक के लिए लगभग 50 लाख रुपये तक के विकास कार्यों का प्रावधान रखने का प्रस्ताव है। इस प्रकार एक प्रभाग के लिए लगभग दो करोड़ रुपये की विकास निधि निर्धारित की जा सकती है। इससे शहर के विभिन्न क्षेत्रों में छोटे और आवश्यक विकास कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है।
आधारभूत सुविधाओं, आवश्यक सेवाओं और विकास योजनाओं को ध्यान में रख कर किया गया तैयार
मुख्य लेखा और वित्त अधिकारी संतोष वाहुले ने बताया कि कुछ विभागों से अंतिम प्रस्ताव अभी प्राप्त होना बाकी है। जैसे ही सभी विभागों के प्रस्ताव प्राप्त हो जाएगे, बजट को अंतिम रूप दिया जाएगा।
इसके बाद अगले सप्ताह स्थायी समिति के समक्ष बजट प्रस्तुत किया जाएगा। समिति की चर्चा के बाद इसे सर्वसाधारण सभा में रखा जाएगा और अंतिम मंजूरी दी जाएगी।
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इस वर्ष महानगरपालिका का बजट शहर की आधारभूत सुविधाओं, पानी आपूर्ति व्यवस्था, आवश्यक सेवाओं और विकास योजनाओं को ध्यान में रखते हुए तैयार किया जा रहा है। प्रशासन को उम्मीद है कि प्रस्तावित बजट के माध्यम से शहर के विकास कार्यों को नई गति मिलेगी और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।
