नासिक मनपा बजट अटका: 14 दिन बाद भी नहीं बनी सहमति, टैक्स प्रस्ताव पर सियासी खींचतान

Nashik Municipal Corporation: नासिक मनपा का 3011 करोड़ का बजट सियासी खींचतान में अटका। 14 दिन बाद भी संशोधनों पर सहमति नहीं, टैक्स बढ़ोतरी प्रस्ताव पर चर्चा जारी।
Nashik Municipal Corporation Budget Stalled: No Consensus Reached Even After 14 Days; Political Tug-of-War Over Tax Proposals
Nashik Budget Delay ( सोर्स: सोशल मीडिया )
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Nashik Budget Delay: नासिक महानगरपालिका का आगामी बजट फिलहाल सियासी और प्रशासनिक कश्मकश के बीच अटका हुआ है। आयुक्त मनीषा खत्री द्वारा पेश किए गए 3011.85 करोड़ रुपये के बजट को स्थायी समिति की हरी झंडी तो मिल गई है, लेकिन संशोधनों और निधि के आवंटन को लेकर 14 दिन बाद भी पेंच फंसा हुआ है।

मनपा आयुक्त ने शहर पर बिना कोई नया टैक्स लगाए एक संतुलित बजट पेश करने की कोशिश की है। 143.09 करोड़ रुपये की शुरुआती शेष राशि के साथ कुल 3011.85 करोड़ रुपये की आय का अनुमान है।

विकास और प्रशासनिक कार्यों के लिए 3010 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। बजट में आय बढ़ाने के लिए विज्ञापन कर और लाइसेंस शुल्क में 15 प्रतिशत वृद्धि का प्रस्ताव है।

विकास कार्य बनाम निधि की कमी

नगरसेवकों की भारी मांग और कुंभ मेले की तैयारियों ने बजट के नियोजन को चुनौतीपूर्ण बना दिया है। कुंभमेले से जुड़े 23 करोड़ रुपये के विकास कार्यों को मंजूरी दी गई है, लेकिन इसमें कॉलनी रोड के लिए कोई फंड नहीं रखा गया है।

इसे लेकर नगरसेवकों में भारी नाराजगी है। कई नगरसेवकों ने जलापूर्ति और स्वच्छता के लिए अतिरिक्त निधि मांगी है। मनपा के पास सीमित फंड होने के कारण अब राज्य सरकार से विशेष आर्थिक सहायता की उम्मीद की जा रही है।

पिछले चार वर्षों से नासिक मनपा में प्रशासक का शासन था। हाल ही में हुए चुनावों के बाद यह पहला मौका है जब निर्वाचित प्रतिनिधियों के सुझावों के साथ बजट तैयार हो रहा है।

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