औरंगाबाद खंडपीठ के 45 साल हुए पूरे! जज पटले बोले – निष्पक्ष न्याय दिलाना सबसे बड़ी जिम्मेदारी
Bombay High Court की औरंगाबाद बेंच के 45 साल पूरे हो गए है। जिसके चलते खंडपीठ वकील संघ की ओर से एक समारोह का आयोजन किया गया था। जिसमें न्यायमूर्ति मनीष पटले और कई अन्य वकीलों ने भाग लिया था।
- Written By: अपूर्वा नायक
बॉम्बे हाईकोर्ट की औरंगाबाद बेंच (सौ. सोशल मीडिया )
Chhatrapati Sambhaji Nagar News In Hindi: बंबई उच्च न्यायालय की औरंगाबाद खंडपीठ ने अपनी स्थापना के 45 वर्ष पूरे कर लिए। इस उपलक्ष्य में खंडपीठ वकील संघ की ओर से समारोह का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन से हुआ। इस अवसर पर प्रमुख अतिथि के रूप में उपस्थित हाई कोर्ट के ज्येष्ठ व प्रशासकीय न्यायमूर्ति मनीष पितले ने न्याय व्यवस्था से जुड़े प्रत्येक घटक को संविधान के प्रति निष्ठावान रहने की आवश्यकता पर बल दिया।
समारोह की अध्यक्षता न्यायमूर्ति विभा कंकणवाडी ने की। मंच पर न्यायमूर्ति किशोर संत, न्यायमूर्ति अरुण पेडणेकर, न्यायमति वाई, जी खोब्रागडे, न्यायमूर्ति शैलेश ब्रम्हे, न्यायमूर्ति संजय देशमुख, न्यायमूर्ति नीरज धोटे, न्यायमूर्ति एस एम घोडेस्वार और न्यायमूर्ति एस।बी। देशमुख सहित कई मान्यवर उपस्थित थे।
सम्बंधित ख़बरें
कीमतों में गिरावट के बावजूद प्याज की मांग सुस्त, किसान और व्यापारी दोनों संकट में
मानसून से पहले ठाणे में ड्रेन सफाई तेज करने के आदेश, निचले इलाकों में लगाए जाएंगे 102 पंप
मुंबई-पुणे डेक्कन एक्सप्रेस बीच रास्ते में रुकी, यात्रियों को 2 घंटे तक करना पड़ा इंतजार
वसई-विरार में सफाई कर्मचारियों की ग्रेच्युटी अटकी, 21 दिन में भुगतान का अल्टीमेटम
निष्पक्ष न्याय दिलाना ही सर्वोच्च जिम्मेदारी
इस अवसर पर न्यायमूर्ति पितले ने कहा कि आम नागरिकों व पक्षकारों को समय पर और निष्पक्ष न्याय दिलाना ही सर्वोच्च जिम्मेदारी है।
ये भी पढ़ें :- IT Hub के रूप में उभरेगा छत्रपति संभाजी नगर, हजारों युवाओं को मिलेगा रोजगार
न्यायमूर्ति पितले की वकीलों को सलाह
यह तभी संभव है जब न्यायाधीश और वकील आपसी समन्वय के साथ कार्य करें, उन्होंने कहा कि ऐसी वर्षगाते आत्मपरीक्षण का अवसर देती है। वकील न्याय प्रक्रिया में सहयोगी की भूमिका निभाते है, जबकि न्यायाधीश निष्पक्ष होकर इसे सुगम बनाते है। शुरुआत में वरिष्ठ वकील एड शशिकुमार चौधरी और एड सुखदेव शेलके को खंडपीठ की स्थापना में उनके योगदान के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया गया। इस दौरान अन्य मान्यवरों ने भी अपने विचार साझा किए, खंडपीठ वकील संघ की अध्यक्षा एड योगिता थोरात, उपाध्यक्ष एड संदीपान मोरमपल्ले, सचिय एड श्रीकृष्ण चौधरी, एडपूनम बोडखे पाटिल, एड प्रवीण मंडलिक, एड अमोल सावंत, एड वसंतराव सालुके, एड नरसिंह जाधव और एड पी आर कात्तनेश्वरकर सहित अनेक पदाधिकारी इस अवसर पर मौजूद थे।
