गोवंश वीडियो और हरे झंडे विवाद पर SP से मिला जमीयत उलमा, नेताओं पर माहौल बिगाड़ने का आरोप
पिछले कुछ दिनों से जालना शहर में शांति और कानून व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश की जा रही थी। जिसको लेकर जमीअत उलमा जालना के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिला पुलिस के साथ मुलाकात की।
- Written By: अपूर्वा नायक
छत्रपति संभाजी नगर (सौ. सोशल मीडिया )
Jalna News In Hindi: जालना शहर में पिछले कुछ दिनों से शांति और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिशों के बीच जमीअत उलमा जालना का एक प्रतिनिधिमंडल जिला पुलिस अधीक्षक अजयकुमार बंसल (एसपी) से मिला।
यह मुलाकात काजी-ए-शरीयत मुफ्ती अब्दुल रहमान के निर्देश पर की गई। प्रतिनिधि मंडल ने गोवंश वध से जुड़ी वीडियो वायरल होने और अपमानजनक शब्दों के इस्तेमाल पर गहरी नाराजगी जताई। साथ ही कुछ राजनीतिक नेताओं द्वारा इन मुद्दों को चुनावी लाभ के लिए बढ़ावा देकर समाजों के बीच वैमनस्य फैलाने की साजिश पर भी ध्यान आकर्षित कराया। जमीयत उलेमा ने कहा कि धार्मिक भावनाएं भड़काने की कोशिश नई नहीं है।
इससे पहले भी आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया, लेकिन संगठन ने कभी पूरे समाज को निशाना नहीं बनाया और न ही कानून से बाहर जाकर सजा की मांग की। महावीर चौक पर हरे झंडे के मामले में प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि सीसीटीवी खंभे पर लगे एक झंडे को मुद्दा बनाकर शांतिप्रिय समाज को बदनाम करना अनुचित है।
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एसपी अजय बंसल ने स्पष्ट किया कि झंडा पुलिस कैमरे के खंभे पर लगाया गया था, किसी स्तंभ पर नहीं। उन्होंने आश्वासन दिया कि अब तक पुलिस ने किसी दबाव में कार्रवाई नहीं की है और न आगे करेगी। निदर्दोष को दंडित नहीं किया जाएगा। जो भी होगा, कानून के दायरे में होगा।
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एसपी ने योगदान को सराहा
एसपी ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने में योगदान को सराहा। प्रतिनिधिमंडल में शहर जालना जमीयत उलेमा के अध्यक्ष मुफ्ती फहीम, महासचिव मुफ्ती फारूक, कदीम जालना मुफ्ती सुहेल सहित मुफ्ती यूसुफ, वसीम शेख, हाजी अब्दुल हमीद, हाजी शकील, सलीम भाई, बदर चाउस, सरदार खान और अब्दुर रऊफ मौजूद थे।
