निदा खान को लेकर ओवैसी ने दिया प्रज्ञा सिंह ठाकुर का उदहारण, मालेगांव ब्लास्ट के फैसले पर उठाया सवाल!
Asaduddin Owaisi Nida Khan Malegaon Case: ओवैसी ने निदा खान मामले में प्रज्ञा ठाकुर का उदाहरण देकर मीडिया ट्रायल को गलत बताया। कहा- मुस्लिम युवाओं को फंसाया जा रहा है।
- Written By: अनिल सिंह
ओवैसी ने निदा खान का किया बचाव, प्रज्ञा सिंह ठाकुर और मालेगांव मामले से की तुलना (डिजाइन फोटो)
Asaduddin Owaisi on Nida Khan Pragya Singh Thakur: छत्रपति संभाजीनगर में पार्टी की एक महत्वपूर्ण बैठक को संबोधित करते हुए असदुद्दीन ओवैसी ने नासिक टीसीएस मामले को लेकर राज्य सरकार और मीडिया पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि किसी के पास से धार्मिक पुस्तकें या बुर्का मिलना अपराध नहीं है। ओवैसी ने तर्क दिया कि जिस तरह से निदा खान को पेश किया जा रहा है, वह उच्च शिक्षित मुस्लिम लड़के-लड़कियों के भविष्य को बर्बाद करने की एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है।
ओवैसी ने अपने भाषण में मालेगांव बम धमाकों और मुंबई ट्रेन ब्लास्ट का जिक्र करते हुए न्याय प्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने प्रज्ञा सिंह ठाकुर का नाम लिए बिना उदाहरण दिया कि कैसे एक आरोपी को वर्षों जेल में रखने के बाद वह लोकसभा तक पहुँचीं। ओवैसी ने कहा, “दिल्ली और देश के अन्य हिस्सों में ऐसे कई उदाहरण हैं जहाँ मुस्लिम युवाओं को आतंकवादी बताकर जेल में डाला गया और 10-15 साल बाद अदालत ने उन्हें बेगुनाह बताकर रिहा कर दिया। क्या मीडिया उनके बर्बाद हुए सालों का हिसाब देगा?”
पार्षद मतीन पटेल और राजनीतिक संरक्षण
पार्षद मतीन पटेल के घर से निदा खान की गिरफ्तारी पर ओवैसी ने सफाई दी कि पुलिस जांच में सब साफ हो जाएगा। उन्होंने विपक्ष को चेतावनी दी कि एक व्यक्ति की वजह से पूरी पार्टी को निशाना बनाना बंद करें। ओवैसी ने याद दिलाया कि राज्य के कई मौजूदा विधायकों और सांसदों पर गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं, लेकिन उन्हें इस तरह बदनाम नहीं किया जाता।
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धर्मांतरण बनाम नफरत फैलाने का आरोप
ओवैसी ने तकनीकी पहलुओं पर जोर देते हुए कहा कि टीसीएस ने खुद स्पष्ट किया है कि निदा खान प्रबंधन का हिस्सा नहीं थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि एफआईआर में लगाए गए आरोपों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है। उनके अनुसार, यह नफरत की राजनीति है जो केवल ध्रुवीकरण के लिए की जा रही है। उन्होंने रवींद्रनाथ टैगोर के एक पुराने पत्र का हवाला देते हुए केंद्र सरकार की ‘वंदे मातरम’ अनिवार्यता नीति की भी आलोचना की और इसे थोपी गई विचारधारा बताया।
न्यायपालिका पर भरोसा
एआईएमआईएम सुप्रीमो असदुद्दीन ओवैसी ने अंत में कहा कि उन्हें देश की न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से संयम बरतने की अपील की और विश्वास जताया कि निदा खान अदालत से बेगुनाह बरी होंगी। ओवैसी का यह आक्रामक रुख साफ करता है कि आने वाले समय में नासिक का यह मामला महाराष्ट्र की राजनीति में एक बड़ा मुद्दा बना रहेगा।
