अजंता गुफाओं में मधुमक्खियों का तांडव, 35 पर्यटकों पर किया हमला, मासूम बच्ची की हालत नाजुक; मची भारी अफरा-तफरी
Ajanta Caves Bee Attack: छत्रपति संभाजीनगर की ऐतिहासिक अजंता गुफाओं में मधुमक्खियों के हमले से 35 पर्यटक घायल हो गए। जबलपुर की एक बच्ची गंभीर है। सुरक्षा इंतजामों पर उठे सवाल, पर्यटकों में भारी दहशत।
- Written By: आकाश मसने
अजंता और एलोरा की गुफाएं (सोर्स: सोशल मीडिया)
Chhatrapati Sambhajinagar News: महाराष्ट्र के विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल अजंता एलोरा की गुफा परिसर से एक डराने वाली खबर सामने आई है। यहां अचानक मधुमक्खियों के एक विशाल झुंड ने पर्यटकों पर हमला बोल दिया, जिससे पूरे परिसर में चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई। इस हमले में करीब 30 से 35 पर्यटक घायल हुए हैं, जिनमें चार से पांच छोटे बच्चे भी शामिल हैं।
कैसे हुआ हादसा?
मिली जानकारी के अनुसार, वीकेंड और पर्यटन सीजन होने के कारण छत्रपति संभाजीनगर स्थित अजंता एलोरा की गुफा परिसर में पर्यटकों की भारी भीड़ मौजूद थी। लोग गुफाओं की नक्काशी और सुंदरता निहार रहे थे, तभी अचानक मधुमक्खियों का एक झुंड गुफा संख्या के पास से सक्रिय हुआ और पर्यटकों को निशाना बनाना शुरू कर दिया। हमला इतना अचानक था कि किसी को संभलने का मौका नहीं मिला। लोग अपनी जान बचाने के लिए सिर पर बैग रखकर और कपड़ों से खुद को ढककर इधर-उधर भागने लगे।
जबलपुर के परिवार पर टूटा कहर
इस हमले में सबसे दर्दनाक स्थिति मध्य प्रदेश के जबलपुर से आए एक परिवार की रही। मधुमक्खियों ने परिवार की एक छोटी मासूम बच्ची को बुरी तरह अपना निशाना बनाया। बच्ची को शरीर पर कई जगह डंक लगने के कारण उसकी स्थिति गंभीर बताई जा रही है। घटना के तुरंत बाद स्थानीय गाइडों और प्रशासन ने घायलों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया।
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प्रशासन की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पर्यटन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। घायलों को तत्काल नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों के अनुसार, अधिकांश पर्यटकों की स्थिति अब स्थिर है, लेकिन बच्ची का इलाज सघन निगरानी में चल रहा है।
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सुरक्षा को लेकर उठ सवाल
अजंता गुफाओं में मधुमक्खियों के हमले की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी कई बार पर्यटकों को इस तरह की स्थिति का सामना करना पड़ा है। स्थानीय लोगों और पर्यटकों ने वन विभाग और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) पर लापरवाही का आरोप लगाया है। मांग की जा रही है कि गुफाओं के आसपास से छत्तों को सुरक्षित तरीके से हटाया जाए और पर्यटकों की सुरक्षा के लिए जाली या अन्य सुरक्षात्मक उपाय किए जाएं।
