Chhatrapati Sambhaji Nagar में नई ठगी पद्धति, 'पार्किंग अकाउंट' से कॉलेज युवाओं को निशाना

देश में आए दिन ठगी के नए नए मामले देखने के लिए मिल रहे हैं, जो साइबर अपराधियों के हौसले बुलंद कर रहे है। हाल ही में Chhatrapati Sambhaji Nagar से ठगी की एक नई तकनीक की जानकारी मिली है।
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Chhatrapati Sambhaji Nagar News In Hindi: इंटरनेट में साइबर अपराधियों की सक्रियता के बीच शहर में अब नई ठगी पद्धति 'पार्किंग अकाउंट' से धोखा देने का मामला सामना आया है जिसमें कॉलेज के युवाओं को शिकार बनाया जा रहा हैं। ऐसी ही एक घटना में शिवाजी नगर निवासी युवक से उसके ही बचपन के मित्र ने जालसाजी की।

इस बाबत पुंडलिक नगर पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। वैभव काले ने पुलिस में दर्ज कराई शिकायत में कहाकि बचपन के दोस्त रितेश वाघमारे ने उसका पासबुक, एटीएम कार्ड व मोबाइल सिम लेने के बाद 21 जून से 26 सितंबर के बीच खाते से संदिग्ध लेन-देन किए, साइबर अपराधी काला धन छुपाने व टूजिक्शन का पता न चलने देने के लिए आम लोगों के जिनबैंक खातों का इस्तेमाल करते हैं, उन्हें 'पार्किंग अकाउंट' कहा जाता है।

अपराधी इन खातों से ट्रांजेक्शन कर असली अपराध छुपा लेते हैं। जांच के दौरान संदेह खाता धारक पर ही जाकर वे पुलिस की गिरफ्त में फंसता है। मुकुंदवाड़ी, पुंडलिक नगर, जवाहर नगर क्षेत्र में कॉलेज युवाओं को निशाना बनाया जा रहा है।

स्कॉलरशिप के बैंक खातों का दुरुपयोग

साइबर ठग उन्हें खाते उपलब्ध कराने पर 3,000 रुपए महीने का किराया देने का लालच देते हैं। मुंबई साइबर पुलिस ने कुछ माह पहले शहर से दो युवाओं को गिरफ्त्तार किया था, जिन्होंने सैकड़ों बैंक खाते साइबर गिरोहों को दे रखे थे। स्कॉलरशिप के लिए खोले गए छात्र खातों का भी दुरुपयोग करने की खबर है, पासबुक, पटीएम कार्ड या सिम किसी को भी न दें, किसी अजनबी या परिचित्त से खाते खुलवाने के किसी भी लालच से बचें। आधार कार्ड की कॉपी देते समय मास्क आधार का उपयोग करें, संदिग्ध लेन-देन दिखे, तो तुरंत बैंक व पुलिस को सूचित करें। साइबर अपराध की जानकारी राष्ट्रीय हेल्पलाइन 1930 पर दें।

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