Ashok Kharat Case Nashik (सोर्सः सोशल मीडिया)
Ashok Kharat Case Nashik: ढोंगी ज्योतिषी अशोक खरात के शिवनिका ट्रस्ट से जुड़े करोड़ों रुपये के संदिग्ध आर्थिक व्यवहार की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, मामला और भी नाटकीय होता जा रहा है। इस मामले में ट्रस्ट की महत्वपूर्ण कड़ी माने जाने वाले चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) ललित पोफले की गिरफ्तारी की चर्चा जोरों पर है। चर्चा है कि खुद को बचाने के लिए पोफले अब खरात के खिलाफ ही धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराने की तैयारी कर रहे हैं, हालांकि देर रात तक ऐसी कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई थी।
जांच में सामने आया है कि जिस शिवनिका ट्रस्ट का टर्नओवर 2018 में महज 4 लाख रुपये था, वह 2024 तक करोड़ों में पहुंच गया। पुलिस इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि इस भारी-भरकम निधि का स्रोत क्या है और इसमें किन प्रभावशाली लोगों के हित जुड़े हैं। चूंकि इन सभी व्यवहारों में ललित पोफले की भूमिका केंद्रीय रही है, इसलिए वह मामला उजागर होने के बाद से ही भूमिगत हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तारी के डर से अब पोफले खुद को पीड़ित (फिर्यादी) बताकर सामने आने की कोशिश कर रहे हैं।
सूत्रों का दावा है कि अशोक खरात ने करीब 100 करोड़ रुपये दुबई भेजे हैं। अब तक 300 करोड़ रुपये से अधिक के हवाला लेनदेन का अनुमान लगाया जा रहा है। चूंकि पोफले ही ट्रस्ट का आर्थिक कामकाज देखते थे, इसलिए संदेह है कि ये सभी ट्रांजेक्शन उन्हीं के माध्यम से हुए। इस मामले में ललित के भाई हर्षद प्रकाश पोफले भी अब पुलिस के रडार पर हैं। सीए पोफले के क्लाइंट्स की सूची में देश के नामचीन नाम शामिल हैं। इनमें योगगुरु रामदेव बाबा के संस्थान, रजनीगंधा पान मसाला, काका हलवाई और कल्याण भेल जैसे बड़े नाम और मुंबई-दिल्ली के उद्योगपति शामिल हैं।
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आरोप है कि पोफले इन उद्यमियों को उनकी व्यक्तिगत समस्याओं के समाधान के नाम पर विभिन्न बाबाओं के पास ले जाते थे। ज्योतिषी को प्रभावित व्यक्ति की आर्थिक और निजी जानकारी पहले ही दे दी जाती थी, ताकि उस पर ‘चमत्कार’ का प्रभाव डालना आसान हो सके। सूत्रों के अनुसार, पोफले उद्यमियों की आर्थिक क्षमता के आधार पर ज्योतिषी तय करते थे।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि आरोपी केवल शिकायतकर्ता बन जाने से अपनी सजा से बच नहीं सकता। जांच के दौरान यदि संलिप्तता पाई जाती है, तो कानूनी कार्रवाई निश्चित है।
प्रतिक्रिया :
झांसी की रानी प्रतिष्ठान की अध्यक्ष एड. रूपाली पाटिल ठोंबरे ने कहा कि ललित पोफले शिवनिका संस्थान का पूरा प्रबंधन देखते थे और सभी आर्थिक व्यवहारों में सीधे तौर पर शामिल थे। एसआईटी उन्हें पूछताछ के लिए बुलाकर गिरफ्तार करे, ऐसी हमें उम्मीद है।