सोलापुर में जनसभा को संबोधित करते असदुद्दीन ओवैसी। इमेज-सोशल मीडिया
Asaduddin Owaisi News: महाराष्ट्र में नगर निगम चुनाव को लेकर नेताओं का प्रचार तेज हो गया है। राजनीतिक दल के नेता वोटरों को लुभाने के लिए तरह-तरह के बयान दे रहे हैं। लोक-लुभावने वादे भी कर रहे हैं। सोलापुर में शुक्रवार को प्रचार के दौरान AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने एक बहुत बड़ा बयान दिया। ओवैसी ने कहा कि एक दिन ऐसा आएगा, जब हिजाब पहनी हुई हमारी महिला देश की प्रधानमंत्री बनेगी।
इस दौरान ओवैसी ने पाकिस्तान के संविधान का उल्लेख भी प्रचार में लाया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान संविधान में एक ही समाज का व्यक्ति राष्ट्रपति प्रधानमंत्री बने ऐसा लिखा है। मगर, भारत के संविधान में सभी समाज के लोगों को एक ही स्थान है। हम भले नहीं रहे, लेकिन मगर एक दिन वो आएगा, जब हिजाब पहनने वाली बेटी भारत की पीएम बनेगी।
असदुद्दीन ओवैसी ने विरोधियों पर हमला बोलते हुए कहा कि याद रखना ये नफरत जो तुम मुसलमानों के खिलाफ भड़का रहे हो, ये नफरत ज्यादा नहीं चलेगी। तुम खत्म हो जाओगे, नफरत फैलाने वालों। मोहम्मद जब आम होगी तो लोगों को मालूम होगा कि कैसे जहर इनके दिलों दिमाग में भर दिया गया था। आज आप देखिए कि सोलापुर में पेट्रोल 104 रुपए में प्रति लीटर है। पेट्रोल का दाम इतना अधिक क्यों है, यह पूछने पर उस शख्स को बांग्लादेशी कह दिया जाता है।
उन्होंने कहा कि सोलापुर में इतने मुद्दे हैं, इतनी समस्या है, लेकिन सत्ताधारियों को इससे कोई लेना-देना नहीं है। बीजेपी, शिंदे और अजित पवार की कोशिश है कि महाराष्ट्र की जनता को बेवकूफ बनाओ। आप सबसे अपील कर रहा हूं कि 15 तारीख को आप इनको पैगाम दीजिए कि हम तुम्हारे साजिश का शिकार नहीं होंगे।
Solapur, Maharashtra: AIMIM President Asaduddin Owaisi says, “…The Constitution of Pakistan states that only a Muslim man can become Pakistan’s Prime Minister or President. Dr B.R. Ambedkar’s Constitution says that any citizen of India can become Prime Minister, President,… pic.twitter.com/JRcZKZGkn6 — IANS (@ians_india) January 9, 2026
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ओवैसी ने यह भी कहा कि फडणवीस, शिंदे और पवार ये लोग भारत के संविधान के तहत राजनीति नहीं कर रहे हैं, बल्कि नफरत की बुनियाद पर हुक्मरानी कर रहे हैं। ये अल्पसंख्यक समाज के दोस्त नहीं, बल्कि उनको कमजोर करना चाहते हैं। ये दलितों को उनका हक नहीं देना चाहते हैं बल्कि उसे महरूम करना चाहते हैं। ये किसानों को कुछ नहीं कर रहे हैं। देखिए कितने किसान खुदकुशी कर रहे हैं।