रत्नागिरी गोपालगढ़ किले में पुरातत्व विभाग की बड़ी कार्रवाई, शिव प्रेमियों की पूरी हुई मांग, क्या है मामला?
प्रशासन ने आखिरकार गोपालगढ़ किले पर अनधिकृत निर्माण को ध्वस्त कर दिया। इस कार्रवाई में दुकानों, मकानों, पानी की टंकियों को जेसीबी की मदद से गिराया गया।
- Written By: सोनाली चावरे
गोपालगढ़ किले पर अवैध निर्माण ध्वस्त ( photo credit; social media)
रत्नागिरी: कोंकण में रत्नागिरी जिले के गुहागर तालुका में राज्य संरक्षित स्मारक गोपालगढ़ किले पर अवैध निर्माण को आखिरकार प्रशासन ने रविवार को ध्वस्त कर दिया गया। यह निश्चित था कि अवैध निर्माण कार्य 2 अप्रैल 2025 के बाद शुरू होने वाला था। लेकिन इसको लेकर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई थी।
आखिरकार, रविवार को पुरातत्व विभाग, रत्नागिरी के सहायक निदेशक डॉ. विलास वाहने के नेतृत्व में किले पर किए गए अनाधिकृत निर्माण को ध्वस्त कर दिया गया। इस कार्रवाई का हर जगह स्वागत किया जा रहा है।
बता दें कि वर्ष 2024 में गुहागर तालुका के अंजनवेल स्थित गोपालगढ़ किले में भूमि के मालिक ने अनधिकृत निर्माण कार्य कराया। उक्त अनाधिकृत निर्माण को हटाने का अंतिम निर्देश 17 मार्च 2025 को सहायक निदेशक, पुरातत्व संभागीय कार्यालय, रत्नागिरी द्वारा सूफिया युनुस मनियार और कादिर हुसैन मनियार को दिया गया था। नोटिस को लेकर जवाब देने के लिए 2 अप्रैल 2025 तक की मालिकों समयसीमा दी गई थी। लेकिन भूमि मालिकों ने जवाब देने में लापरवाही की और इसे गंभीरता से नहीं लिया।
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जब भूमि मालिकों से तय समय पर प्रशासन को कोई जवाब नहीं मिला तो प्रशासन ने अनधिकृत निर्माण को ध्वस्त करने का फैसला लिया।रविवार की सुबह पुरातत्व विभाग रत्नागिरी के सहायक निदेशक डॉ. विलास वाहने के मार्गदर्शन में दुकानों, मकानों, पानी की टैंक, 2 शौचालय और आमों को रखने के लिए बनाए गए लकड़ी के शेड को जेसीबी की मदद से ध्वस्त कर दिया गया। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पुलिस अधिकारी और पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था। लेकिन इस ध्वस्तीकरण की कार्रवाई से किसी को परेशानी नहीं हुई। लोगों ने इसके बाद राहत की सांस ली। स्थानिय लोगों ने प्रशासन की इस कार्रवाई का स्वागत किया है।
