

Tulsidas Jayanti Celebration In Amravati: अमरावती में साहू हिन्दी पुस्तकालय की ओर से संत गोस्वामी तुलसीदास जयंती हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता सुनील साहू ने की।
मुख्य वक्ता सुधा तिवारी तथा मुख्य अतिथि मुकेश छांगाणी और कुसुम साहू मंचासीन थे। मुख्य वक्ता सुधा तिवारी ने रामचरित मानस की विभिन्न चौपाइयों का वाचन करते हुए उनका भावार्थ समझाया।
उन्होंने कहा कि रामचरित मानस केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि मानव जीवन को जीने की कला सिखाने वाला ग्रंथ है। इसमें पुत्र का पिता के प्रति कर्तव्य, भाई-भाई के बीच व्यवहार, पति-पत्नी के संबंधों के साथ शत्रु के प्रति व्यवहार का भी संदेश मिलता है।
मुकेश छांगाणी ने श्रीरामचरित मानस को अमर धार्मिक ग्रंथ बताते हुए कहा कि बच्चों को धार्मिक और संस्कारित बनाने के लिए घर में रामचरित मानस का नियमित पाठ किया जाना चाहिए। सुनील साहू ने संत गोस्वामी तुलसीदास के जीवन चरित्र पर प्रकाश डालते हुए उनके संघर्षपूर्ण जीवन और विपरीत परिस्थितियों के बीच साहित्य सृजन की जानकारी दी।
कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों के सत्कार के साथ हुई। मुख्य वक्ता सुधा तिवारी का सुनील साहू और रवि साहू ने पुष्पगुच्छ देकर सम्मान किया। वहीं मुख्य अतिथि मुकेश छांगाणी का मुकेश गुप्ता और मंटूलाल साहू ने सत्कार किया। कार्यक्रम के दौरान सुनील साहू और कुसुम साहू का भी सम्मान किया गया।
आयोजकों ने अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से समाज में साहित्य और संस्कृति के प्रति रुचि बढ़ती है। उपस्थित लोगों ने संत गोस्वामी तुलसीदास के विचारों और रामचरित मानस के संदेशों को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में सत्यप्रकाश गुप्ता, मदनलाल नरवरिया, मंटूलाल साहू, डॉ. मनोज जोशी, डॉ. कमलेश गुप्ता, अनिल मदनलाल साहू, मुकेश गुप्ता, छक्कीलाल साहू, कामेश साहू, सुनील साहू, रवि साहू, नीरज अहरवार, ओम साहू, पंकज साहू, महेश साहू और परिसर के नागरिक उपस्थित थे। संचालन एवं आभार प्रदर्शन ग्रंथपाल भागीरथ अहरवार ने किया।