रक्षाबंधन को लेकर अकोला के बाजारों में रौनक, एलईडी और कस्टम फोटो जैसी फैंसी राखियों की बढ़ रही क्रेज

Fancy Rakhis Demand Rises: अकोला में रक्षाबंधन को के लिए बाजारों में रौनक बढ़ी है। फैंसी, एलईडी, कस्टम फोटो और म्यूजिकल राखियों की मांग बढ़ी, कीमतें 20 से 400 रुपए तक हैं।
Fancy Rakhis Demand Rises In Akola Market
अकोला बाजार में फैंसी राखियों की मांग बढ़ी(फोटो नवभारत)
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Fancy Rakhis Demand Rises In Akola: रक्षाबंधन पर्व को लेकर शहर में उत्साह का माहौल है। 28 अगस्त को मनाए जाने वाले राखी पूर्णिमा पर्व को देखते हुए बाजारों में चहल-पहल बढ़ गई है।

मुख्य बाजार, महात्मा गांधी चौक, जठारपेठ चौक, सिंधी कैम्प, कौलखेड़ और गौरक्षण रोड सहित शहर के प्रमुख क्षेत्रों में राखियों की अस्थायी दुकानें सज गई हैं।

फैंसी से लेकर पारंपरिक राखियों तक

इस वर्ष बाजार में पारंपरिक एवं देशी-सांस्कृतिक राखियों के साथ फैंसी राखियों की भी बड़ी रेंज उपलब्ध है। एलईडी लाइटिंग वाली राखी, कस्टम फोटो राखी, स्टोन एवं अमेरिकन डायमंड वाली राखियों की मांग विशेष रूप से बढ़ी है।

इसके अलावा पूजा राखी, जिसमें राखी बांधते समय मंत्रोच्चार किया जाता है, भी ग्राहकों को आकर्षित कर रही है।

म्यूजिकल राखियों का बढ़ रहा क्रेज

बच्चों के लिए डोरेमॉन, स्पाइडरमैन, मोटू-पतलू और छोटा भीम जैसे कार्टून पात्रों वाली राखियां उपलब्ध है। म्यूजिकल एवं लाइटिंग राखियां भी बच्चों को विशेष रूप से पसंद आ रही है। भगवान कृष्ण, साईबाबा, श्रीनाथजी, ओम और मोर डिजाइन वाली राखियों की भी मांग बनी हुई है।

कई तरह की राखियां उपलब्ध

राखी विक्रेता राकेश मनवानी का कहना है कि पहले फोम और स्पंज की राखियां अधिक प्रचलित थीं, लेकिन अब बाजार में ग्राहकों की पसंद के अनुसार कई तरह की राखियां उपलब्ध हैं। लटकन राखी, लुंबी राखी, भैया भाभी राखी, गोंडे वाली राखी और विभिन्न डिजाइन की फैसी राखियां खरीदी जा रही है।

राखियों की कीमत 20 से 400 रुपए तक है। बाजार में उपलब्ध अधिकांश राखियां कोलकाता से मंगाई जाती है, जबकि कुछ विशेष डिजाइन की राखियां मुंबई और अहमदाबाद से आती है।

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गत वर्ष की तुलना में कीमतों में बढ़ोतरी

राकेश मनवानी के अनुसार, पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष राखियों की कीमतों में कुछ वृद्धि हुई है। लागत खर्च बढ़ने के कारण यह मामूली वृद्धि हुई है, लेकिन इसका बिक्री पर कोई खास असर नहीं पड़ा है। पर्व नजदीक आने के साथ बाजारों में ग्राहकों की भीड और बढ़ने की संभावना है।

बहनें अपने भाइयों के लिए आकर्षक और पसंदीदा राखियां खरीदने में जुटी हैं। रक्षाबंधन भाई-बहन के प्रेम, स्नेह, विश्वास और सुरक्षा का प्रतीक माना जाता है। इसी भाव के साथ कई बहनों ने बाहरगांव या विदेश में रहने वाले भाइयों के लिए डाक एवं कुरियर के माध्यम से राखियां भेजना भी शुरू कर दिया है।

डाक विभाग ने भी राखियों की समय पर डिलीवरी सुनिश्चित करने के लिए विशेष व्यवस्था की है। मुख्य डाकघर और विभिन्न सब-डाक कार्यालयों में अतिरिक्त स्टाफ की व्यवस्था की गई है।

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