बाजार में चर्चा: ‘चुनिंदा किसानों को ही मिलेगा फायदा’, तुअर और सोयाबीन में तेजी, कपास की रफ्तार पर ब्रेक
Cotton Rate: अमरावती मंडी में तुअर और सोयाबीन के दामों में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जबकि कपास की तेजी पर ब्रेक लगा है और बाजार में चुनिंदा किसानों को ही लाभ मिलने की चर्चा तेज है।
- Written By: आंचल लोखंडे
cotton price fluctuation (सोर्सः सोशल मीडिया)
Amravati News: पिछले पंद्रह दिनों में तुअर, सोयाबीन और कपास की कीमतों में आई बढ़ोतरी से किसानों को कुछ राहत मिली है। हालांकि, बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि इस तेजी का वास्तविक लाभ व्यापारियों के साथ-साथ केवल कुछ चुनिंदा किसानों को ही मिल सकता है। उत्पादन में कमी, मौसम की अनिश्चितता और आवक घटने के कारण बाजार में उतार-चढ़ाव जारी है और आने वाले दिनों में भी अस्थिरता बने रहने की संभावना जताई जा रही है।
तुअर दाल को जोरदार भाव
स्थानीय कृषि उपज मंडी में तुअर दाल के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। पंद्रह दिन पहले जहां तुअर दाल 6,000 से 6,500 रुपये प्रति क्विंटल बिक रही थी, वहीं अब इसके भाव 7,600 से 9,150 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गए हैं। शुक्रवार को सर्वोत्तम गुणवत्ता की तुअर दाल 9,140 रुपये प्रति क्विंटल बिकी। बाजार में कुल 3,720 क्विंटल तुअर दाल की आवक दर्ज की गई। व्यापारियों के अनुसार लगातार बारिश, संभावित उत्पादन में कमी और नमी घटने से गुणवत्ता में सुधार हुआ है, जिससे दामों में बढ़ोतरी हुई है।
सोयाबीन के दामों में बड़ी छलांग
पिछले चार महीनों से जारी सोयाबीन की कीमतों में गिरावट अब थम गई है और बीते पंद्रह दिनों में दामों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। पहले जहां सोयाबीन 3,500 से 4,200 रुपये प्रति क्विंटल बिक रहा था, अब इसके दाम 5,100 से 5,700 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गए हैं। शुक्रवार को बाजार में 3,702 बोरे सोयाबीन की आवक हुई। बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक वैश्विक मांग और देश में उपलब्ध स्टॉक की स्थिति के कारण आगे और तेजी देखने को मिल सकती है।
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मक्के की आवक घटी, लेकिन दाम स्थिर
पिछले सप्ताह मक्के की आवक में भारी गिरावट दर्ज की गई। शुक्रवार को केवल 53 बोरी मक्का बाजार में पहुंचा। इसके बावजूद मक्के के दाम 1,650 से 1,725 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर रहे। कम आवक के बावजूद कीमतों में बढ़ोतरी न होने से मक्के का बाजार फिलहाल सुस्त नजर आ रहा है।
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कपास की तेजी पर ब्रेक, बाजार में असमंजस
पिछले सप्ताह से कपास के दामों में आई तेजी पर शुक्रवार को ब्रेक लग गया। जो कपास पहले 7,000 से 7,400 रुपये प्रति क्विंटल बिक रहा था, वह कुछ ही दिनों में 9,000 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गया था। हालांकि शुक्रवार को कपास 8,000 रुपये प्रति क्विंटल के भाव से बिका। व्यापारी रविशंकर जाजू के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार के दाम और घरेलू मांग के कारण कपास में तेजी आई थी, लेकिन फिलहाल बाजार में अस्थायी ठहराव दिखाई दे रहा है।
तेजी का फायदा किसे?
हालांकि तुअर और सोयाबीन में तेजी देखने को मिल रही है, लेकिन इसका बड़ा लाभ उन व्यापारियों और किसानों को ही मिलने की संभावना है, जिन्होंने माल का भंडारण किया है। अधिकांश किसानों ने पहले ही अपनी उपज बेच दी थी, ऐसे में बढ़े हुए दामों का फायदा व्यापारियों और जमाखोरों को मिलने की आशंका जताई जा रही है। कपास और मक्का के बाजार में बनी अनिश्चितता को देखते हुए आने वाले सप्ताह में दामों में बड़े उतार-चढ़ाव की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
