पुणे में CNG संकट से हाहाकार; ऑटो-टैक्सी के पहिए थमे, MNGL की नाकामी के खिलाफ पेट्रोल डीलर्स पहुंचे दिल्ली
CNG Shortage In Pune: पुणे और आसपास के जिलों में सीएनजी सप्लाई ठप्प होने से हाहाकार मचा है। कम प्रेशर और पंपों पर लंबी कतारों के चलते ट्रैफिक जाम और आम जनजीवन बेहाल हो गया है।
- Written By: आकाश मसने
पुणे में CNG संकट (प्रतीकात्मक तस्वीर, सोर्स: IA)
Pune CNG Crisis: पुणे शहर और जिले में सीएनजी संकट लगातार गहराता जा रहा है, जिससे आम नागरिकों के साथ-साथ कमर्शियल वाहन चालकों की दैनिक दिनचर्या पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गई है। ग्रामीण इलाकों के बाद अब शहर के मुख्य क्षेत्रों में भी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। अधिकांश सीएनजी पंपों के बाहर ‘गैस खत्म’ के बोर्ड लटक रहे हैं, जबकि जिन पंपों पर गैस उपलब्ध है, वहां सीएनजी का दबाव इतना कम है कि वाहनों में गैस भरने में बहुत अधिक समय लग रहा है। इस स्थिति के कारण चालकों को कतारों में घंटों इंतजार करना पड़ रहा है, जिससे शहर के यातायात और आम जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
महंगा पेट्रोल इस्तेमाल करने पर मजबूर
इस संकट की सबसे बड़ी मार ऑटो-रिक्शा, टैक्सी और कैब चालकों पर पड़ रही है, जिनकी आजीविका पूरी तरह सीएनजी पर निर्भर है। गैस न मिलने या कम दबाव के कारण कई चालकों को मजबूरी में महंगे पेट्रोल पर वाहन चलाने पड़ रहे हैं। इससे उनकी दैनिक इनकम में भारी गिरावट आई है और उनके लिए परिवार का लालन-पालन करना मुश्किल हो रहा है।
पुणे शहर और आसपास के जिलों में महाराष्ट्र नेचुरल गैस लिमिटेड और टोरेंट गैस के लगभग ढाई सौ सीएनजी पंप संचालित हैं। इन पंपों के जरिए करीब सात लाख व्यवसायिक और निजी वाहन सीएनजी का उपयोग करते हैं। इतने बड़े पैमाने पर मांग होने के बावजूद पर्याप्त सप्लाई नहीं मिलना प्रबंधन प्रणाली की विफलता को दर्शाता है।
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पुणे में ट्रैफिक जाम की समस्या भी बढ़ी
पंपों के बाहर लगने वाली लंबी कतारों के कारण पुणे शहर की प्रमुख सड़कों पर यातायात जाम की भीषण समस्या उत्पन्न हो रही है। इस ट्रैफिक जाम से आम यात्रियों के साथ-साथ एंबुलेस जैसी आपातकालीन सेवाओं की आवाजाही भी बाधित हो रही है। विडंबना यह है कि सीएनजी की आपूर्ति और दबाव पर पंप संचालकों का कोई सीधा नियंत्रण नहीं है, फिर भी सड़क पर लगने वाले जाम के लिए यातायात पुलिस द्वारा उन्हें ही नोटिस जारी किए जा रहे हैं।
केंद्र सरकार से हस्तक्षेप की मांग
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पेट्रोल डीलर्स एसोसिएशन, पुणे ने सीधे केंद्र सरकार से हस्तक्षेप की मांग की है। एसोसिएशन ने केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी से तत्काल मुलाकात का समय मांगा है। एसोसिएशन का कहना है कि उन्होंने महाराष्ट्र नेचुरल गैस लिमिटेड के अधिकारियों के साथ कई बार बैठकें की, ज्ञापन सौंपे और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड के समक्ष भी अपनी बात रखी।
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MNGL ने नहीं की कोई वैकल्पिक व्यवस्था
महाराष्ट्र नेचुरल गैस लिमिटेड (MNGL) को एक विस्तृत पत्र भेजकर तत्काल राहत उपायों, समयबद्ध कार्ययोजना और वैकल्पिक व्यवस्था की मांग की गई थी, लेकिन अब तक कंपनी की ओर से कोई संतोषजनक या आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हुई है। एसोसिएशन ने यह भी आरोप लगाया कि सीएनजी स्टेशनों पर दबाव सुधारने के लिए प्रस्तावित डॉटर बूस्टर स्टेशन जैसी वैकल्पिक व्यवस्थाओं को लेकर भी एमएनजीएल की ओर से कोई स्पष्ट योजना या समयसीमा तय नहीं की गई है।
पेट्रोल डीलर्स एसोसिएशन (PDAP) अध्यक्ष ध्रुव रूपारेल ने बताया कि पुणे के लाखों नागरिको भरवाने के लिए रोजाना घंटों कतारों में इंतजार करना पड़ रहा है, जो बेहद गंभीर स्थिति है। CNG गैस आपूर्ति पर कोई सीधा नियंत्रण न होने के बावजूद पंप संचालकों को ग्राहकों के भारी असंतोष, आर्थिक नुकसान और पुलिस कार्रवाई का अनुचित सामना करना पड़ रहा है।
