
अमरावती में रिश्वत लेते पकड़ी गई वरिष्ठ लिपिक निलंबित (फाइल फोटो)
Bribe-Taking Senior Clerk Suspended: पुलिस अधीक्षक कार्यालय की वरिष्ठ लिपिक ममता पाटिल को रिश्वत प्रतिबंधक विभाग द्वारा 6 नवंबर को रंगेहाथ पकड़े जाने के बाद 7 नवंबर को पुलिस अधीक्षक ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई एक फर्जीवाड़े के मामले में जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए रिश्वत मांगने के आरोप में की गई।
प्रकरण के अनुसार, शिकायतकर्ता का अनाज व्यापार है और उनके वेअरहाउस से कैलास अग्रवाल नामक व्यक्ति ने बिना अनुमति अनाज बेचकर धोखाधड़ी की थी। इस मामले में रामदास पेठ पुलिस स्टेशन में अपराध दर्ज हुआ था। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि जांच अधिकारी ने आरोपी की मदद की, जिससे उसे जमानत मिल गई।
इस पर शिकायतकर्ता ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर अपर पुलिस अधीक्षक ने जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत की। इस रिपोर्ट को वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाने के लिए ममता पाटिल ने 20 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। समझौते के तहत 6 नवंबर को उन्होंने 8 हजार रुपये की मांग की, जिस पर रिश्वत प्रतिबंधक विभाग, अमरावती ने जाल बिछाकर उन्हें रंगेहाथ पकड़ लिया।
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पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि ममता पाटिल का यह आचरण विभाग की छवि को धूमिल करने वाला है, इसलिए उन्हें तत्काल निलंबित किया गया। साथ ही नागरिकों से अपील की गई है कि यदि कोई भी कर्मचारी कार्य के लिए पैसे की मांग करता है, तो वे शाम 4 से 6 बजे के बीच सीधे पुलिस अधीक्षक, अकोला से संपर्क करें और जानकारी दें।






