अमरावती MLC चुनाव में भाजपा का क्लीन स्वीप, प्रवीण पोटे को 390 वोट; कांग्रेस प्रत्याशी का खाता भी नहीं खुला
Amravati MLC Election: अमरावती स्थानीय प्राधिकारी MLC चुनाव में भाजपा के प्रवीण पोटे पाटिल 390 वोटों के साथ विजयी। महाविकास आघाडी में बड़ी सेंध, कांग्रेस उम्मीदवार को मिला 'शून्य' मत।
- Written By: रूपम सिंह
अमरावती स्थानीय प्राधिकारी MLC चुनाव (फोटो सोर्स- नवभारत)
Amravati MLC Election Pravin Pote Patil: महाराष्ट्र विधान परिषद के अमरावती स्थानीय प्राधिकारी निर्वाचन क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार प्रवीण पोटे पाटिल ने एकतरफा जीत दर्ज करते हुए विपक्ष का पूरी तरह सफाया कर दिया। पहले ही दौर में 390 हर्षजीत देशमुख कर उन्होंने का खाता भी नहीं खुला मत हासिल जीत के लिए निर्धारित 211 मतों के कोटे को बड़े अंतर से पार कर लिया और विजयी घोषित किए गए।
विशेष चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी हर्षजीत देशमुख एक मत भी हासिल नहीं कर सके। कांग्रेस का पूरी तरह सफाया को लेकर शहर में आश्चर्य व्यक्त किया जा रहा है। इस चुनाव में भाजपा, शिंदे सेना व युवा स्वाभिमानी पार्टी को मिलाकर महायुति के 227 वोट थे। वही कांग्रेस, राकांपा (शरद) तथा उध्दव सेना की महाविकास आघाडी के 152 मत थे। चुनाव के दौरान कांग्रेस ने पार्टी के पार्षदों को व्हीप जारी कर तटस्थ रहने के आदेश दिए थे।
मगर जिले में पार्टी के कई पार्षदों ने आदेश को न मानकर भी मतदान किया। जिसका लाभ भी महायुति के उम्मीदवार प्रविण पोटे को पहुचां और उन्होंने क्लीन स्वीप करते हुए कांग्रेस को पूरी तरह साफ कर दिया। जिलाधीश कार्यालय स्थित नियोजन भवन में निर्वाचन पर्यवेक्षक एवं श्रम आयुक्त डॉ। एच। पी। तुम्मोड, विभागीय आयुक्त नयना गुंडे की उपस्थिति में मतगणना प्रक्रिया संपन्न हुई। मतगणना पूरी होने के बाद निर्वाचन निर्णय अधिकारी एवं जिलाधिकारी आशीष येरेकर ने प्रवीण पोटे पाटिल को विजेता का प्रमाणपत्र प्रदान किया।
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कांग्रेस की किरकिरी
इस बार के विधानपरिषद चुनाव में महाविकास आघाड़ी के पास लगभग 152 मतों में से दो सदस्यों की मृत्यु होने के बाद 150 मतो का संख्याबल होने के बावजूद कांग्रेस उम्मीदवार हर्षजीत देशमुख को एक भी मत नहीं मिलना राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार कांग्रेस की आंतरिक गुटबाजी, उम्मीदवार की अस्वस्थता तथा पार्टी की तटस्थ भूमिका के कारण महाविकास आघाड़ी के मतों में बड़ी सेंध लगी।
परिणाम ने न केवल कांग्रेस की संगठनात्मक स्थिति पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि विपक्षी एकजुटता की हकीकत भी उजागर कर दी है। पिछली चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार को 17 वोट मिले थे, जबकि इस बार पार्टी का खाता भी नहीं खुल सका। शून्य मतों का यह परिणाम कांग्रेस की संगठनात्मक ताकत, रणनीति और आंतरिक एकजुटता पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
- किसे मिले कितने मत
- प्रविण पोटे पाटिल 390
- निलेश विश्वकर्मा -31
- हर्षजीत देशमुख -0
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6 वोट अवैध करार
कुल 427 मतदाताओं ने मतदान किया, जिनमें से 6 मत अवैध घोषित हुए, जबकि 421 मत वैध पाए गए। जीत के लिए 211 युवा स्वाभिमान 26 मती का कोटा निर्धारित था। मतगणना के पहले ही चरण में प्रवीण पोटे पाटिल को 390 मत प्राप्त हुए।
वहीं वंचित बहुजन आधाड़ी के उम्मीदवार निलेश विश्वकर्मा को 31 मत मिले, जबकि कांग्रेस उम्मीदवार हर्षजीत देशमुख अपना खाता भी नहीं खोल सके और उन्हें एक भी मत प्राप्त नहीं हुआ। परिणाम घोषित होते ही भाजपा कार्यकर्ताओं में उत्साह की लहर दौड़ गई और विजय का जश्न शुरू हो गया।
