Amravati News: एग्रीस्टैक पंजीयन से 96,552 किसान अब भी बाहर फार्मर आईडी के बिना योजनाओं से रहेंगे वंचित 5,16,195 खाताधारकों की संख्या 4,19,643 किसानों ने किया पंजीयन 81.30 पंजीयन डिजिटल कृषि मिशन में अमरावती पीछे पंजीयन नहीं तो अनुदान नहीं, किसानों को चेतावनी फार्मर आईडी से मिलेंगे कई लाभ, फिर भी उदासीनता शेष किसानों से जल्द पंजीयन कराने की अपील
केंद्र सरकार की डिजिटल कृषि मुहिम के तहत शुरू की गई एग्रीस्टैक योजना में अमरावती जिले के हजारों किसान पिछड़ते नजर आ रहे हैं. सरकारी योजनाओं का लाभ पाने के लिए अब 12 अंकों वाला फार्मर आईडी अनिवार्य कर दिया गया है, लेकिन जिले के 96,552 खाताधारक अभी भी इस प्रक्रिया से बाहर हैं. जिले में अब तक कुल 4,19,643 किसानों ने अपना पंजीकरण पूरा कर लिया है, जो कुल लक्ष्य का लगभग 81.30 है. हालांकि, शेष 18 प्रतिशत किसानों द्वारा पंजीकरण न कराए जाने के कारण उनके भविष्य की सरकारी सहायता और अनुदान रुकने की संभावना पैदा हो गई है.
क्या है एग्रीस्टैक और फार्मर आईडी यह केंद्र सरकार की एक डिजिटल प्रणाली है जिसमें किसान की व्यक्तिगत जानकारी, भूमि का सातबारा 7/12, फसल का विवरण और आधार कार्ड को जोड़कर एक यूनिक फार्मर आईडी तैयार की जाती है. इसी आईडी के आधार पर सरकार भविष्य में खाद, बीज, सब्सिडी और बीमा जैसी सुविधाएं प्रदान करेगी. अन्यथा अटक सकती है सरकारी मदद सरकारी अनुदान की राशि सीधे किसान के बैंक खाते में जमा होगी.
फसल नुकसान की स्थिति में ईपिक निरीक्षण और फार्मर आईडी के कारण पंचनामा व मुआवजे की प्रक्रिया तेज होगी. बैंकों को किसान की जानकारी एक क्लिक पर उपलब्ध होगी, जिससे फसल ऋण मिलने में समय कम लगेगा. मौसम के पूर्वानुमान और खाद के सही उपयोग को लेकर तकनीकी सलाह मिलना आसान होगा. कृषि विभाग पंजीकरण की प्रक्रिया को गति देने के प्रयास कर रहा है. अधिकारियों ने शेष किसानों से किसी भी सरकारी योजना से वंचित होने से बचने के लिए जल्द से जल्द अपना फार्मर आईडी बनाने की अपील की.