संत रुपलालजी महाराज स्मारक के 80 करोड़ प्रस्ताव पर विवाद गहराया, मांग पर अड़ा बारी महासंघ
Sant Ruplalji Maharaj Memorial News : अंजनगांव सुर्जी में संत रुपलालजी महाराज राष्ट्रीय स्मारक के 80 करोड़ 26 लाख रुपये के प्रस्ताव पर शासन की आपत्ति के बाद विवाद बढ़ गया है।
Sant Ruplalji Maharaj (सोर्सः फाइल फोटोः सोशल मीडिया)
Anjangaon Surji News: संत शिरोमणि रुपलालजी महाराज राष्ट्रीय स्मारक विकास आराखड़ा को लेकर शासन और समाज संगठन आमनेसामने आते दिखाई दे रहे हैं। लगभग एक वर्ष पूर्व शासन को भेजे गए 80 करोड़ 26 लाख रुपये के प्रस्ताव को अमान्य बताए जाने के बाद अखिल भारतीय बारी महासंघ ने तीव्र नाराजी व्यक्त की है।
इस संदर्भ में अंजनगांवसुर्जी के शासकीय विश्रामगृह में बैठक आयोजित की गई। बैठक में उपविभागीय अभियंता अघम दर्यापुर एवं उप अभियंता राऊत उपस्थित रहे। अधिकारियों ने बताया कि स्मारक के लिए इतनी बड़ी राशि स्वीकृत करना संभव नहीं है तथा प्रस्तावित मंदिर, संत रुपलाल महाराज की भव्य प्रतिमा, सड़क एवं पुल जैसी सुविधाओं को मंजूरी देना कठिन है।
बारी महासंघ ने पुराना प्रस्ताव मंजूर करने की उठाई मांग
इस पर अखिल भारतीय बारी महासंघ ने शासन की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि स्मारक के महत्व को कम करने के उद्देश्य से निधि में कटौती की जा रही है। महासंघ ने स्पष्ट मांग की कि अमरावती बैठक में प्रस्तुत मूल प्रस्ताव को ही यथावत मंजूरी दी जाए, जिसमें संत रुपलाल महाराज की विशाल प्रतिमा, मंदिर, सड़क तथा नदीनालों पर पुल का समावेश हो।
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महासंघ का सुझाव
महासंघ की ओर से यह सुझाव भी रखा गया कि यदि शासन सड़क और पुल निर्माण का खर्च वहन नहीं कर सकता, तो हाईवे मार्ग के पास भूमि अधिग्रहित कर स्मारक के लिए उपलब्ध कराई जाए, ताकि अतिरिक्त निर्माण कार्य की आवश्यकता न पड़े। बैठक में सुरेश भोंडे, नीलेश ढगे, मनोहर मुरकुटे, उमेश भोंडे, रमेश धुले तथा दिनेश भोंडे ने महासंघ की ओर से अपनी भूमिका रखी। वहीं अखिल भारतीय बारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष इंजि। रमेशचंद्र घोलप ने शासन के नए प्रस्ताव को अस्वीकार्य बताते हुए पुराने 80 करोड़ 26 लाख रुपये के प्रस्ताव को ही मंजूरी देने की मांग दोहराई।
