अमरावती: ग्राम पंचायतों में प्रशासक नियुक्ति पर हाई कोर्ट की रोक; कांडली और धामणगांव के13 गांवों को बड़ी राहत

Amravati Rural Politics: मुंबई हाईकोर्ट नागपुर खंडपीठ ने अमरावती जिले की 13 ग्राम पंचायतों में प्रशासक नियुक्ति के 23 जनवरी के शासनादेश पर अगली सुनवाई तक रोक लगाई। याचिकाकर्ताओं को बड़ी राहत मिली।
The Nagpur Bench of Bombay HC has stayed the appointment of administrators in 13 Gram Panchayats of Amravati. Following petitions from Kandli and Dhamangaon, the court issued a notice to the state.
हाईकोर्ट रोक तस्वीर (सोर्स -सोशल मीडिया)
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Maharashtra Village Development Department News: अमरावती जिले में ग्राम पंचायतों पर प्रशासक नियुक्त करने के राज्य शासन के निर्णय को बड़ा न्यायिक झटका लगा है। मुंबई उच्च न्यायालय की नागपुर खंडपीठ ने 23 जनवरी के शासनादेश पर अगली सुनवाई तक किसी भी प्रकार की कार्रवाई न करने का अंतरिम आदेश जारी किया है। इससे अचलपुर और धामणगांव तहसील की 13 ग्राम पंचायतों को राहत मिली है।

सरकार के आदेश को कोर्ट में चुनौती

जानकारी के अनुसार ग्राम विकास विभाग के अवर सचिव द्वारा 23 जनवरी को जारी पत्र के माध्यम से संबंधित ग्राम पंचायतों में प्रशासक नियुक्त करने के निर्देश प्रशासन को दिए गए थे। इस आदेश को चुनौती देते हुए अचलपुर तहसील के कांडली गांव के सरपंच तथा धामणगांव तहसील के 13 पदाधिकारियों ने नागपुर खंडपीठ में रिट याचिका दायर की थी।

याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने संबंधित ग्राम पंचायतों में अगली सुनवाई तक किसी भी प्रकार की प्रशासकीय कार्रवाई न करने के स्पष्ट निर्देश दिए। इससे पहले 17 फरवरी को अरविंद दलवी व अन्य (बुलढाणा) तथा कल्पना पलसपगार व अन्य अकोला की समान प्रकृति की याचिकाओं को भी एक साथ सुना गया था। अमरावती जिले के कांडली सहित दाभाडा, ढाकुलगांव, विरुल रोढे, वाठोडा, जुना धामणगांव, झाडा, हिरापुर, बोरगांव निस्ताने, तलेगांव दशासर, अशोकनगर, जलका पटाचे, मंगरुल दस्तगीर और सावला गांवों के कुल 13 नागरिकों ने अलग-अलग रिट याचिकाएं दायर की हैं।

13 पदाधिकारियों की याचिका पर सुनवाई

कांडली की याचिका पर दो दिन पूर्व सुनवाई हुई, जबकि धामणगांव तहसील के 13 पदाधिकारियों की याचिका पर सुनवाई संपन्न हुई। सभी मामलों की अगली सुनवाई 24 फरवरी को निर्धारित की गई है। इस संबंध में शासन को नोटिस जारी किया गया है। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता नीलेश गावंडे ने प्रभावी पैरवी की, जबकि शासन की ओर से मुख्य सरकारी वकील ने पक्ष रखा। न्यायमूर्ति अनिल एस. किलोर और न्यायमूर्ति राज डी. वाकोडे की खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि 23 जनवरी के शासनादेश पर अगली सुनवाई तक कोई कार्रवाई न की जाए। इस अंतरिम आदेश से संबंधित ग्राम पंचायतों को बड़ी राहत मिली है। अब प्रशासक नियुक्ति के निर्णय की न्यायालयीन समीक्षा होगी।

इन ग्रापं का समावेश

  • कांडली
  • हिरापुर
  • दाभाडा
  • बोरगांव निस्ताने
  • ढाकुलगांव
  • तलेगांव दशासर
  • विरुल रोढे
  • अशोकनगर
  • वाठोडा
  • जलका पटाचे
  • जुना धामणगांव
  • मंगरुल दस्तगीर
  • झाडा
  • सावला
  • 23 जनवरी के आदेश पर न्यायिक झटका, अगली सुनवाई 24 को
  • रिट याचिकाओं पर सुनवाई, शासन को जारी हुआ नोटिस
  • पंचायत पदाधिकारियों की पैरवी रंग लाई प्रशासक नियुक्ति का फैसला अब न्यायालयीन समीक्षा के दायरे में
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