Amravati News: युवाओं में प्रतिभा और कौशल की कमी नहीं है, आवश्यकता है तो केवल उन्हें मंच प्रदान करने की. यह बात जीएच रायसोनी यूनिवर्सिटी के युवा सांस्कृतिक और क्रीड़ा महोत्सव के माध्यम से विद्यार्थियों ने साबित किया. सप्ताह भर चले इस सांस्कृतिक महोत्सव में छात्रों ने सांस्कृतिक स्पर्धाओं में नाट्य और गायन कौशल का परिचय कराया.
वहीं दूसरी ओर विविध मैदानी और इनडोर खेलों में अपनी नेतृत्व कला क्षमता तथा कुशाग्र बुद्धिमत्ता को प्रदर्शित किया. उद्घाटन समारोह में प्रमुख अतिथि के रूप में कॉलेज ऑफ एनीमेशन बायोइंजीनियरिंग एंड रिसर्च सेंटर के संस्थापक संचालक विजय राऊत और विशेष अतिथि के रूप में विदर्भ इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड ह्यूमैनिटीज के संचालक डॉ. सतीश मालोदे उपस्थित रहे.
समारोह में विद्यार्थियों ने नृत्य, नाटक ही संगीत गायन तथा फैशन शो के माध्यम से अतिथियों के साथ ही अन्य दर्शकों को भी मंत्रमुग्ध कर दिया. इस अवसर पर मुख्य अतिथि राऊत ने कहा कि ऐसी प्रतिस्पर्धाएं विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है. विशेष अतिथि डॉ. मालोदे ने कहा कि विद्यार्थी जीवन का यही समय उनकी बहिर्मुखी प्रतिभा को निखारता है.
इस दौरान पर मंच पर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. विनायक देशपांडे, कुलसचिव डॉ. स्नेहिल जायसवाल, विद्यार्थी कल्याण विभाग के अधिष्ठाता डॉ. प्रशांत अवचट एवं महोत्सव के समन्वयक डॉ. शैलेश ठाकरे और डॉ. सचिन पडोले भी उपस्थित रहे समापन समारोह में संत गाडगे बाबा अमरावती विद्यापीठ के कुलसचिव डॉ. अविनाश असनारे प्रमुख अतिथि के रूप में उपस्थित रहे. समापन समारोह में विजेताओं को पुरस्कारों से सम्मानित किया गया.