दीक्षित सोलंकी (सौ. सोशल मीडिया )
Mumbai Sailor Dixit Solanki Death: ईरान-इजराइल संघर्ष की आंच अब मुंबई तक पहुंच गई है। कांदिवली पश्चिम के महावीर नगर में रहने वाले एक परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। समुद्र में हुए हमले में मुंबई के नाविक दीक्षित सोलंकी की मौत हो गई, लेकिन उनका शव अभी तक बरामद नहीं हुआ है।
इसी कारण उनके पिता ने बेटे की तस्वीर पर माला चढ़ाकर शोक मनाने से इनकार कर दिया है। बताया जा रहा है कि दीक्षित सोलंकी एक तेल टैंकर पर काम कर रहे थे। 1 मार्च को ओमान के मस्कट प्रांत के तट से करीब 52 समुद्री मील दूर एमकेडी व्योम नामक जहाज पर एक मानवरहित नाव से हमला किया गया।
यह हमला कथित तौर पर ईरान इजराइल संघर्ष के बीच हुआ। हमले के बाद जहाज के इंजन कक्ष में भीषण आग लग गई और विस्फोट हुआ, जिसमें दीक्षित सोलंकी की मौत हो गई। हमले से कुछ ही घंटे पहले दीक्षित ने अपने परिवार को संदेश भेजकर समुद्र में ‘युद्ध जैसी स्थिति’ होने की जानकारी दी थी।
इसके बाद परिवार का उनसे संपर्क टूट गया। बाद में जहाज पर हुए हमले की खबर ने पूरे परिवार को सदमे में डाल दिया। कांदिवली पश्चिम के महावीर नगर स्थित सोलंकी परिवार के घर में इस समय मातम पसरा हुआ है।
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घर के अंदर लाल कपड़े से ढके एक छोटे लकड़ी के स्टूल पर दीक्षित सोलंकी की तस्वीर रखी गई है, लेकिन उस पर अभी तक माला नहीं चढ़ाई गई है। दीक्षित के पिता अमृतलाल सोलंकी, जो खुद भी पूर्व नाविक रह चुके हैं, बेटे का शव घर आने तक अंतिम श्रद्धांजलि देने से इनकार कर रहे है। वह चुपचाप घर के एक कोने में बैठे रहते है और मीडिया तथा बाहरी लोगों से दूरी बनाए हुए हैं।