
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला व अमरावती की गणेशदास राठी छात्रालय समिति (सोर्स: सोशल मीडिया)
Ganeshdas Rathi Chhatralaya Samiti Amrit Mahotsav: शिक्षा के क्षेत्र में अमरावती की अग्रणी संस्था ‘गणेशदास राठी छात्रालय समिति’ अपने गौरवशाली सफर के 75 वर्ष पूर्ण कर चुकी है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि को यादगार बनाने के लिए संस्था द्वारा 3 से 5 जनवरी 2026 के दौरान भव्य ‘अमृत महोत्सव’ का आयोजन किया जा रहा है। संस्था के अध्यक्ष वसंतकुमार मालपानी ने अमरावती में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से इस त्रिदिवसीय उत्सव की विस्तृत रूपरेखा साझा की।
महोत्सव का भव्य उद्घाटन 3 जनवरी की सुबह होगा। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला करेंगे। मुख्य अतिथि के रूप में अयोध्या श्रीराम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र न्यास के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंददेव गिरि महाराज उपस्थित रहेंगे। इस अवसर पर संस्था के सचिव डॉ. गोविंद लाहोटी, उपाध्यक्ष जुगलकिशोर गट्टाणी और प्राचार्य विजय भांगडिया सहित कार्यकारिणी के अन्य सदस्य भी मंच साझा करेंगे।
संस्था की जड़ें त्याग और सेवा भाव में निहित हैं। अध्यक्ष मालपानी ने बताया कि स्व. सेठ राधावल्लभ हेडा एवं उनकी पत्नी स्व. नारायणीबाई हेडा के अमूल्य योगदान से 16 जून 1950 को इस छात्रावास की नींव रखी गई थी। स्व. रायबहादुर गणेशदास राठी की स्मृति में उनकी माता भागीरथीबाई राठी ने उस दौर में 50 हजार रुपए और 185 एकड़ जमीन दान दी थी। आज यह संस्था वटवृक्ष बन चुकी है, जिसके तहत वरिष्ठ व कनिष्ठ महाविद्यालयों सहित कुल 21 शिक्षण संस्थान संचालित हो रहे हैं, जहाँ प्रतिवर्ष 10 हजार विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण करते हैं।
संस्था द्वारा संचालित केशरबाई लाहोटी महाविद्यालय ने अपनी शैक्षणिक गुणवत्ता के दम पर लगातार नैक (NAAC), बेंगलुरु द्वारा ‘A’ ग्रेड प्राप्त किया है। इतना ही नहीं, संस्था के समर्पण को देखते हुए महाराष्ट्र शासन ने 2017 में इसे ‘भाषिक अल्पसंख्यक’ का दर्जा भी प्रदान किया है। वर्तमान में यहाँ प्राथमिक स्तर से लेकर पीएचडी (Ph.D.) शोध तक की उच्च स्तरीय व्यवस्था उपलब्ध है, जिसे 400 से अधिक अनुभवी शिक्षक और कर्मचारी संभाल रहे हैं।
यह भी पढ़ें:- ‘मुंबई में मराठी महापौर नहीं चाहती BJP’, संजय राउत ने किया चौंकाने वाला दावा, बोले- बाहर से आए…
3 जनवरी की शाम शिक्षा राज्यमंत्री पंकज भोयर की उपस्थिति में पूर्व प्राचार्यों, शिक्षकों और कर्मचारियों का सत्कार किया जाएगा। उत्सव के दूसरे दिन, 4 जनवरी को आईआईएम नागपुर के डायरेक्टर डॉ. भीमरायाजी मैत्री और एमजीएम विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. विलास सपकाल मार्गदर्शन करेंगे। शाम को डीमार्ट के पूर्व अध्यक्ष रमेश दमानी का व्याख्यान और ‘कृष्णलीला’ का मंचन होगा। 5 जनवरी को समापन सत्र में डॉ. ज्ञानवत्सल स्वामी और प्रशांत पोल जैसे दिग्गज शामिल होंगे, जिसके बाद ‘ऑपरेशन सिंदूर’ नाटक की प्रस्तुति दी जाएगी।
AI और CBSE स्कूल की योजना संस्था केवल अतीत की यादों तक सीमित नहीं है, बल्कि भविष्य के लिए भी तैयार है। आगामी योजनाओं के तहत मार्डी रोड पर 3.5 एकड़ जमीन खरीदी गई है, जहाँ एक अत्याधुनिक CBSE स्कूल और साइंस कॉलेज का निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा, बदलते दौर की मांग को देखते हुए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित पाठ्यक्रम और कौशल विकास (Skill Development) केंद्रों की शुरुआत करने का संकल्प भी समिति ने लिया है।






