Amravati News: जिलाधिकारी आशीष येरेकर ने कहा कि महिलाओं को आर्थिक गतिविधियों में सक्रिय होकर अर्थव्यवस्था को गति देनी चाहिए. उन्होंने बताया कि महिला बचत समूहों को दिया जा रहा 1 लाख रुपये का अनुदान वापस नहीं करना होगा, इसलिए इसका उपयोग उद्योग और व्यवसाय बढ़ाने में किया जाए.
कार्यक्रम में वरिष्ठ जिला समन्वय अधिकारी डॉ. रंजन वानखड़े, महिला एवं बाल विकास अधिकारी संजय गट, सहायक समन्वय अधिकारी ऋषिकेश घ्यार सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे. बचत समूहों को 1 लाख की सहायतामहिला आर्थिक विकास महामंडल माविम द्वारा आयोजित कार्यक्रम में महिला सशक्तिकरण में योगदान देने वाले पुरुषों को जेंडर सेंसिटिव रोल मॉडल सम्मान से नवाजा गया. इस अवसर पर विभिन्न महिला बचत समूहों को 11 लाख रुपये के धनादेश भी वितरित किए गए.
जिलाधिकारी ने कहा कि यह अनुदान महिलाओं के लिए व्यवसाय की मजबूत शुरुआत है. उन्होंने बचत समूहों को स्टार्टअप से जुड़कर मार्केटिंग और विकास के अवसरों का लाभ उठाने की सलाह दी. साथ ही लाडली बहन योजना के तहत महिला सहकारी संस्थाओं को बढ़ावा देने की जानकारी भी दी. इस दौरान जनाराव खंडारे, दत्ता कडूकर और निलेश कोहले को उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया. वहीं शक्ति महिला बचत समूह भिलटेक, स्वामी समर्थ महिला बचत समूह शिराला और आदर्श महिला बचत समूह पूर्णानगर को आर्थिक सहायता प्रदान की गई.