अमरावती के सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में डॉक्टरों की हड़ताल, मरीजों की बढ़ी परेशानी, 12 करोड़ का बकाया
Amravati Doctors on Strike: अमरावती शहर के सुपर स्पेशेलिटि हॉस्पिटल के डॉक्टर्स ने हड़ताल शुरू कर दी है। इससे मरीजों की चिंताएं बढ़ गई है। डॉक्टरों की हड़ताल से ओपीडी में सन्नाटा फैला हुआ है।
- Written By: प्रिया जैस
अमरावती न्यूज
Amravati News: अमरावती संभाग के लिए मुख्य माने जाने वाले सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के अस्थायी 65 डॉक्टर कई महीनों से मानधन नहीं मिलने से 25 अगस्त से हड़ताल पर हैं। मरीजों व उनके परिजनों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। इन डॉक्टरों का 12 करोड़ मानधन बकाया है, जिसमें से सरकार ने 3.50 करोड़ मंजूर कर लिये हैं। इसलिए अस्थायी डॉक्टरों ने मरीजों व नागरिकों की सेवा के लिए जल्द स्वास्थ्य सेवा में आने का आह्वान सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के वैद्यकीय अधीक्षक डॉ. अमोल नरोटे ने किया है।
ओपीडी में छाया सन्नाटा
सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में डॉक्टरों की हड़ताल के चलते मरीजों और उनके परिजनों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। अस्थायी डॉक्टरों की हड़ताल के कारण अस्पताल की ओपीडी सेवाएं पूरी तरह ठप हो गई हैं, वहीं कई मरीजों की निर्धारित सर्जरी और जरूरी इलाज भी टल गए। बीते कई दिनों से यहां की ओपीडी में सन्नाटा छाया हुआ है।
इस अस्पताल में जिले से ही नहीं बल्कि संभाग के मरीज उपचार व शल्यक्रिया के लिए आते हैं। सुपर स्पेशलिटी में विविध शल्यक्रिया, सर्जरी सहित गंभीर बीमारियों पर उपचार किया जाता है। लेकिन अस्पताल परिसर में सुबह से ही दूर-दराज़ से आए मरीज और उनके परिजन भटकते नजर आते हैं।
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कई गंभीर रोगी जिनका इलाज विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा होना आवश्यक था, वे समय पर परामर्श न मिलने के कारण निराश लौट रहे हैं। ऑपरेशन थिएटर में भी नियोजित शल्यक्रियाएं स्थगित की गईं। निजी अस्पतालों में इलाज कराना महंगा पड़ता है, ऐसे में सुपर स्पेशलिटी ही एकमात्र सहारा था, ऐसा मरीजों के परिजनों का कहना है।
3.50 करोड़ हुए मंजूर
जानकारी के अनुसार इस हॉस्पिटल में हर रोज करीब 100 ऑपरेशन होते थे। साथ ही 550 मरीज भर्ती रहते हैं। 65 अस्थायी डॉक्टरों का कुल 12 करोड़ रुपए का बकाया है। सरकार ने इस ओर ध्यान देते हुए 3.50 करोड़ मंजूर किए हैं, जो जल्द ही मिल जाएंगे। इसी तरह डॉक्टरों की अन्य मांगों पर स्वास्थ्य विभाग सकारात्मक रहने की बात बताई गई है।
प्रशासन की कोशिशें
अस्पताल प्रशासन ने हड़ताल पर बैठे डॉक्टरों से बातचीत शुरू की है। साथ ही मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए कुछ वैकल्पिक व्यवस्था करने का प्रयास किया जा रहा है। आपातकालीन विभाग आंशिक रूप से चालू है, लेकिन विशेषज्ञ डॉक्टरों की अनुपस्थिति से गंभीर मामलों का निदान प्रभावित हो रहा है।
जनता की नाराजगी
हॉस्पिटल के बाहर मरीजों के परिजनों ने नाराज़गी जताते हुए कहा कि सरकार और डॉक्टरों के बीच की खींचतान का खामियाज़ा गरीब और आम मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। लोगों ने जल्द से जल्द समाधान निकालकर सेवाएं बहाल करने की मांग की है।
इमरजेंसी सेवा शुरू
जानकारी के अनुसार सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में इमरजेंसी सेवाएं शुरू हैं, जिसमें कार्डियाक, कैंसर, ब्रेन सहित अन्य गंभीर बीमारियों का समावेश है। इन मरीजों का उपस्थित डॉक्टरों द्वारा उपचार किया जा रहा है।
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हड़ताल में शामिल डॉक्टर व स्थिति
- कुल अस्थायी डॉक्टर- 65
- बकाया मानधन-₹12 करोड़
- अभी तक मंजूर- 3.50 करोड़
- नियोजित सर्जरी स्थगित
- गंभीर मरीज इलाज से वंचित
- दूर-दराज़ से आने वाले मरीज भटक रहे
- निजी अस्पतालों में इलाज महंगे
- इमरजेंसी विभाग आंशिक रूप से चालू
अस्थायी डॉक्टर सेवा शुरू करें
अस्थायी 65 डॉक्टरों का 12 करोड़ बकाया है, जिसमें से स्वास्थ्य विभाग ने 3.50 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। वे जल्द ही मिलेंगे। साथ डॉक्टरों की अन्य मांगों पर भी स्वास्थ्य विभाग सकारात्मक है। धीरे-धीरे अन्य सभी मांगे पूरी होंगी। इसलिए अब डॉक्टरों ने मरीजों और नागरिकों की सेवा के लिए आना चाहिए।
– डॉ. अमोल नरोटे, वैद्यकीय अधीक्षक, सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल
नेता व राजनीतिक संगठन आए सामने
सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में अस्थायी डॉक्टरों की हड़ताल का असर मरीजों पर हो रहा है। जिसके चलते डॉक्टरों को जल्द से जल्द मानधन उपलब्ध करवाने की मांग को लेकर पूर्व पालकमंत्री सुनील देशमुख ने आवाज उठाई थी। साथ ही युवक कांग्रेस की ओर से संभागीय आयुक्त श्वेता सिंघल को ज्ञापन दिया गया था।
