
फूड प्वाइजनिंग से 2 बच्चियों की मौत
अमरावती. धामणगांव रेलवे तहसील के विरुल रोंघे निवासी प्रवीण साव की 10 वर्षीय बेटी नंदिनी साव और उनके भाई राजेश साव की 11 वर्षीय बेटी चैताली साव की शुक्रवार सुबह अचानक मौत हो गई। इस घटना से पूरा गांव शोक में डूब गया है और अब प्रशासन की नींद खुलती दिखाई दे रही है। पुलिस स्टेशन, स्वास्थ्य विभाग, राजस्व विभाग जांच में जुटा है। प्राथमिक अनुमान विषबाधा रहा हो, लेकिन घटना का सटीक कारण अभी तक ज्ञात नहीं है। बारिश के मौसम के कारण हर जगह स्वास्थ्य संबंधी शिकायतें हैं, लेकिन इन बच्चों की मौत से पूरे प्रशासन पर सवालिया निशान लग गया है।
जानकारी मिली कि इस गांव की एक पाइप लाइन नाले में से होकर जाती है जिसमें कई बार लीकेज हो जाने की शिकायतें गांव वालों ने की। साथ ही इस गांव से पिछले एक सप्ताह में 8 से 10 मरीज चांदूर के एक निजी अस्पताल में डायरिया जैसे लक्षण की वजह से इलाज को आने का पता चला। यह जानकारी मिलते ही स्वास्थ विभाग की टीम गांव में जाकर पानी के नमूने और बाकी चीजों के नमूने लेकर जांच करने में जुट गई है। अस्पताल में भर्ती अन्य दो बालकों में देवांश राजेश साव और भक्ति प्रवीण साव शामिल हैं। पता चला है कि उनका इलाज धामनगांव रेलवे में डॉ। अप्तुरकर द्वारा किया जा रहा है।
तहसील स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. हर्षल क्षीरसागर ने राय व्यक्त करते हुए कहा कि जैसे ही हमें घटना की जानकारी मिली, हमने घटना स्थल का दौरा किया और गांव में अन्य मामलों की भी जांच की, लेकिन कोई सार्वजनिक लक्षण नहीं पाए गए। लेकिन घटना की जांच जारी है। विरुल रोंघे में इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना की जानकारी मिलते ही पूर्व विधायक प्रोफेसर वीरेंद्र जगताप ग्रामीण अस्पताल पहुंचे और साव परिवार के सदस्यों से मुलाकात की।






