दर्यापुर में गिरेगी सरकार? सत्ता में आते ही कांग्रेस में बड़ी फूट, सभापति बनते ही दे दिया इस्तीफा, जानें मामला
Daryapur Municipal Council: दर्यापुर नगर परिषद में जीत के बाद कांग्रेस में घमासान! अनुभवी पार्षदों की अनदेखी और इस्तीफे के नाटक से गरमाई राजनीति। क्या बिखरेगी 'त्रिमूर्ति'?
- Written By: प्रिया जैस
कांग्रेस पार्टी (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Congress Internal Rift: दर्यापूर नगर परिषद के चुनाव में कांग्रेस ने एकतरफा सत्ता हासिल की और विजय का जश्न मनाया, लेकिन अब यह जीत पार्टी के भीतर एक बड़ा सिरदर्द बन गई है। सत्ता की चाबी हाथ में आते ही कांग्रेस ने कुछ अनुभवी और निष्ठावान नगरसेवकों को नजरअंदाज करते हुए नए चेहरों को नगरपालिका की जिम्मेदारी सौंप दी। इस अप्रत्याशित निर्णय के कारण कांग्रेस के भीतर गहरी दरारें आ गई हैं और नगरपालिका का राजनीतिक माहौल गरमाया है।
इस्तीफे का नाटक और ‘शरण’ राजनीति
कांग्रेस के इस आंतरिक संघर्ष का पहला संकेत तब मिला, जब नए नगरसेवकों ने सभापति पद की जिम्मेदारी संभालते ही अपना इस्तीफा सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया, जिससे राजनीति में हलचल मच गई।
सत्ता में रहते हुए ही अपने ही पार्टी के खिलाफ शंखनाद करने वाले ये नगरसेवक महज 24 घंटों में ‘शरण’ होकर अपना इस्तीफा वापस ले लेते हैं। यह घटना अब चर्चा का विषय बन गई है और इसने पार्टी के अनुशासन की धज्जियां उड़ा दी हैं। अब सवाल उठ रहे हैं कि नगरपालिका पर असल नियंत्रण किसका है?
सम्बंधित ख़बरें
संगठन सृजन अभियान के तहत कांग्रेस का बड़ा कदम, मुंबई में 7 हजार पदाधिकारी सीखेंगे राजनीति के गुर
‘मैं PM मोदी का शुक्रगुजार हूं…’, कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने अचानक क्यों की प्रधानमंत्री की तारीफ!
प्राइवेट NEET कोचिंग सेंटरों पर चलेगा सरकार का हथौड़ा! राजस्व मंत्री विखे पाटिल ने की पाबंदी की मांग
Kalyan: रेलवे यार्ड में 14 साल की लड़की से दरिंदगी, रेप की घटना से फिर दहल उठा महाराष्ट्र
प्रभाग विकास में नगरसेवकों की उपेक्षा
इस समय पार्टी के भीतर स्थितियां और भी जटिल हो गईं, जब एक नगरसेवक के वॉर्ड के विकास कार्यों के भूमिपूजन कार्यक्रम में उसे विश्वास में लिए बिना ही कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस तरह के घटनाक्रमों से यह संकेत मिल रहे हैं कि भविष्य में कांग्रेस के भीतर बगावत के बीज पड़ चुके हैं। कुछ नाराज नगरसेवक अब पार्टी से अलग होकर स्वतंत्र गुट बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं, इसको लेकर हलचल तेज हो गई है।
‘त्रिमूर्ति’ का विघटन, बीजेपी को लाभ
दर्यापूर के राजनीतिक परिप्रेक्ष्य में ‘त्रिमूर्ती’ के नाम से मशहूर बलवंत वानखड़े, सुधाकर पाटिल भारसाकडे और बालासाहेब हिंगणीकर की तिकड़ी अब कमजोर हो गई है, जिसका बड़ा असर कांग्रेस पर पड़ सकता है। हिंगणीकर को चुनाव में विश्वास में नहीं लिया गया, जिसके बाद उन्होंने भाजपा का साथ ले लिया। इसके कारण कांग्रेस की संगठनात्मक शक्ति कमजोर हो गई और विपक्षी दलों को इसका फायदा मिल सकता है।
यह भी पढ़ें – अमरावती पुलिस में मातम! QRT जवान ने खुद के सिर में मारी गोली, ग्लॉक पिस्टल से दहला आयुक्तालय
विपक्ष का दबाव और प्रशासन की समस्याएं
वहीं, भाजपा के नगरसेवक रोशन कटयारमल प्रशासन के खिलाफ आक्रामक आंदोलन चला रहे हैं। कांग्रेस पार्टी के आंतरिक विवादों का फायदा उठाते हुए उन्होंने नगरपालिका प्रशासन पर दबाव बना लिया है। इसके चलते कांग्रेस को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, और शहर का जनमत अब धीरे-धीरे कांग्रेस के खिलाफ जा सकता है।
