Amravati News: जिले का महत्वपूर्ण शहर दर्यापुर इन दिनों अवैध अतिक्रमण की गंभीर समस्या से जूझ रहा है. नगर परिषद की सुस्त कार्यप्रणाली और उदासीन रवैये के कारण शहर की सूरत बिगड़ती जा रही है.
मुख्य सड़कों, बाजारों, सार्वजनिक स्थानों और यहाँ तक कि नालियों के किनारों पर भी धड़ल्ले से अनधिकृत निर्माण और दुकानें खड़ी हो रही हैं, जिसे देख ऐसा प्रतीत होता है मानो प्रशासन ने जानबूझकर अपनी आंखें मूंद ली हों.
शहर के प्रमुख मार्गों पर पैदल चलने वालों के लिए बनाए गए फुटपाथों पर व्यापारियों और हाथगाड़ी वालों ने कब्जा कर लिया है. इसके चलते नागरिकों को अपनी जान जोखिम में डालकर मुख्य सड़क से चलना पड़ता है. अतिक्रमण के कारण सड़कों की चौड़ाई कम हो गई है, जिससे ट्रैफिक जाम अब यहां की रोजमर्रा की समस्या बन गई है.
सड़कों के संकरा होने से एम्बुलेंस और दमकल विभाग की गाड़ियों को रास्ता मिलना भी दूभर हो गया है. स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि नगर परिषद समयसमय पर अतिक्रमण हटाओ अभियान तो चलाती है, लेकिन वह केवल दिखावे के लिए होता है.
कार्रवाई के कुछ ही दिनों बाद वही अतिक्रमण दोबारा जस के तस खड़े हो जाते हैं. शहर में यह चर्चा भी आम है कि कुछ रसूखदार अतिक्रमणकारियों को प्रशासन की मूक सहमति प्राप्त है, जिसके कारण ठोस कार्रवाई नहीं हो पाती.
दर्यापुर जैसे बढ़ते शहर के लिए जहां सुनियोजित विकास की आवश्यकता है, वहीं प्रशासन की यह अनदेखी शहर के भविष्य के लिए खतरनाक साबित हो रही है. नालियों पर हुए अतिक्रमण के कारण बारिश के दिनों में जलभराव का खतरा भी बढ़ गया है.
शहरवासियों ने नगर परिषद प्रशासन से अपनी नींद से जागने और पूरे शहर का वैज्ञानिक तरीके से सर्वेक्षण कर स्थायी कार्रवाई करने की मांग की है. दर्यापुर शहर में बढ़ते अतिक्रमण को लेकर नियमों के तहत उचित और कड़ी कार्रवाई की जाएगी. डॉ. विकास खंडारे, मुख्याधिकारी, नप