

Chandur Railway Traffic Challan: चांदूर रेलवे- अमरावती मार्ग पर स्पीड कैमरों के माध्यम से वाहनों की गति दर्ज कर चालान किए जाने को लेकर वाहनधारकों में नाराजगी दिखाई दे रही है। कुछ नागरिकों का आरोप है कि मार्ग के चुनिंदा स्थानों पर 30 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति सीमा के तहत बड़ी संख्या में चालान किए जा रहे हैं। इसके चलते नागरिकों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य सड़क सुरक्षा है या चालान के माध्यम से दंड वसूली?
हालांकि, पुलिस विभाग की ओर से स्पष्ट किया गया है कि यह व्यवस्था सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लागू की गई है। सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार पिछले वर्ष की तुलना में चालू वर्ष में सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के उद्देश्य से गति नियंत्रण और सड़क सुरक्षा पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
स्थानीय बीडीएस हाईस्कूल के मुख्याध्यापक डॉ. अतुल ठाकरे ने इस संबंध में अपनी परेशानी व्यक्त की। उनके अनुसार पिछले छह महीनों में उन्हें 2 हजार रुपए के पांच चालान प्राप्त हुए हैं। उन्होंने बताया कि 3 अक्टूबर को भी 2 हजार रुपए का चालान उनके पास आया। डॉ। ठाकरे के अनुसार, वाहन चलाते समय वे गति कम रखने का प्रयास करते हैं, लेकिन स्पीड कैमरे में वाहन की गति कई बार 35 किलोमीटर प्रतिघंटा या उससे अधिक दर्ज हो रही है।। लगातार चालान मिलने से वाहनधारकों पर आर्थिक भार पड़ रहा है, ऐसा उनका कहना है।
यह चर्चा भी है कि स्पीड कैमरों के माध्यम से चालान का लक्ष्य निर्धारित किया जाता है। हालांकि, इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नागरिकों से नहीं मिली।
नागरिकों का कहना है कि यदि किसी स्थान पर 30 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति सीमा लागू है, तो वहां वाहन चालकों को यह सीमा स्पष्ट रूप से दिखाई देनी चाहिए। गति सीमा, स्पीड कैमरे का स्थान तथा नियमों के उल्लंघन पर लगने वाले दंड की जानकारी स्पष्ट सूचना फलक के माध्यम से उपलब्ध कराने की मांग की जा रही है। साथ ही नागरिकों ने स्पीड कैमरों की सटीकता, नियमित कैलिब्रेशन, दर्ज किए गए वाहन के वास्तविक वेग तथा चालान की प्रक्रिया को भी पारदर्शी बनाने की मांग की है।
पुलिस विभाग के अनुसार चांदूर रेलवे-अमरावती मार्ग पर सभी स्थानों पर एक समान गति सीमा लागू नहीं है। मार्ग के अलग-अलग हिस्सों में परिस्थितियों के अनुसार कहीं 30 तो कहीं 50 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति सीमा निर्धारित है। वाहनों की गति दर्ज करने की पूरी प्रक्रिया ऑटोमेटिक है।