चंद्रपुर मनपा में कांग्रेस का सत्ता संघर्ष, सुरेंद्र अडबाले बने नए गुट नेता
Congress Leader: चंद्रपुर मनपा में कांग्रेस का घमासान खत्म हो गया है। सांसद प्रतिभा धानोरकर गुट ने विधायक विजय वडेट्टीवार समर्थक राजेश अडूर को हटाकर सुरेंद्र अडबाले को नया गुट नेता बनाया करा दिया है।
- Written By: केतकी मोडक
सुरेंद्र अडबाले और राजेश अडूर (सोर्स - फोटो नवभारत)
Chandrapur Congress Group Leader Replaced: चंद्रपुर मनपा में पिछले एक सप्ताह से कांग्रेस गुट नेता को लेकर चल रहे विवाद की पृष्ठभूमि पर अंततः कांग्रेस के नए गुट नेता के तौर पर सुरेंद्र अडबाले की नियुक्ति घोषित हुई। इस नियुक्ति के साथ ही मनपा में कांग्रेस सांसद प्रतिभा धानोरकर ने कांग्रेस विधायक विजय वडेट्टीवार को मात दी है। गौरतलब है कि इस मनपा में अब तक कांग्रेस गुट नेता के तौर पर वडेट्टीवार समर्थक राजेश अडूर कार्यरत थे, किंतु पिछले कुछ दिनों से सांसद धानोरकर के नेतृत्व में मनपा में कांग्रेस दो फाड़ हो गयी थी।
मनपा में कांग्रेस के कुल 27 पार्षद है, जो पहले ही धानोरकर और वडेटटीवार गुट में बंटे हुए थे। ऐसे में धानोरकर गुट ने वडेट्टीवार गुट के कांग्रेसी पार्षदों के खेमे में सेंध लगाते हुए कुछ पार्षदों को अपने खेमे में करने में सफलता हासिल की थी। इस सफलता के बाद धानोरकर समर्थक पार्षदों की कुल संख्या 16 हो गयी थी, उक्त सभी पार्षदों ने मनपा में कांग्रेस गुट नेता राजेश अडूर पर अविश्वास जताते हुए उन्हें बदलने की एक अर्जी संभागीय आयुक्त के पास दाखिल की थी।
नागपुर विभाग की संभागीय आयुक्त विजयलक्ष्मी बिदरी ने बुधवार को एक आदेश जारी करते हुए चंद्रपुर मनपा में कांग्रेस के नए गुट नेता के तौर पर सुरेंद्र विठ्ठलराव अडबाले की नियुक्ति को मान्यता प्रदान की। उन्होंने इसके पहले के गुट नेता राजेश अडूर के नियुक्ति आदेश को रद्द घोषित किया है। संभागीय आयुक्त के पास गुट नेता बदलने की इस याचिका पर कांग्रेस पार्षद संगीता भोयर समेत अन्य 15 पार्षदों के हस्ताक्षर थे।
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संभागीय आयुक्त विजयलक्ष्मी बिदरी ने 20 फरवरी 2015 को सुप्रीम कोर्ट द्वारा इसी प्रकार के एक मामले में दिए गए फैसले का आधार लेते हुए गुट नेता बदलने संबंधी उपरोक्त निर्णय लिया है।
बहुमत के आधार पर दी गई मान्यता
आयुक्त ने अपना निर्णय देते समय यह साफ कर दिया है कि चंद्रपुर मनपा में कांग्रेस पार्षदों की कुल संख्या 27 है, तथा इनमें से 16 पार्षदों के एक गुट ने 15 जून को बैठक लेकर राजेश अडूर को गुट नेता पद से हटाकर उस स्थान पर सुरेंद्र अडबाले को नया गुट नेता चयनित करने संबंधी प्रस्ताव पारित किया है।
अतः बहुमत के आधार पर मनपा में कांग्रेस के नए गुट नेता के तौर पर सुरेंद्र अडबाले की नियुक्ति को मान्यता दी जाती है, तथा इसके पहले के गुट नेता राजेश अडूर की नियुक्ति को रद्द किया जाता है।
अडूर को नहीं रखने दिया अपना पक्ष
उल्लेखनीय है कि गुट नेता बदलने की अपनी ही पार्टी के पार्षदों द्वारा की जा रही कवायद के बीच मनपा में कांग्रेस के तत्कालीन गुट नेता राजेश अडूर ने संभागीय आयुक्त के पास एक याचिका दायर करते हुए यह कहा था कि इस मामले में कोई भी निर्णय देने से पहले आयुक्त द्वारा उनका भी पक्ष सुना जाए। किंतु आयुक्त ने सुप्रीम कोर्ट के ही उपरोक्त फैसले का आधार लेते हुए उनका पक्ष सुनने को अस्वीकार कर दिया।
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कांग्रेस के 27 में से 16 पार्षद लामबंद
ज्ञात रहे कि स्थानीय मनपा में कांग्रेस गुट नेता राजेश अडूर को पद से हटाने के लिए पिछले एक सप्ताह से कांग्रेस के 27 में से 16 पार्षद लामबंद हुए थे, कांग्रेसी पार्षदों के यह गुट मनपा में कांग्रेस गुट नेता बदलने के लिए मंगलवार को संभागीय आयुक्त से मिला था। उसके पहले कांग्रेस के उक्त 16 पार्षदों की सोमवार को एक बैठक हुई थी, जिसमे गुट नेता बदलने संबंधी निर्णय बैठक में उपस्थित सभी 16 पार्षदों ने सर्वसम्मति से लिया था। पार्षदों की इस बगावत से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विजय वडेट्टीवार को अब करारा झटका लगा है।
मनपा में कांग्रेस का गुट नेता बदलने की यह सारी कवायद कांग्रेस की सांसद प्रतिभा धानोरकर के मार्गदर्शन पर हो रही थी। जिससे यह स्पष्ट हुआ था कि, जिले में वडेट्टीवार और धानोरकर के बीच चल रहा अंतर्द्वद्ध अब चरम पर पहुंच चुका है। इस अंतर्द्वद्ध में अंततः धानोरकर ने वडेट्टीवार को करारी मात देते हुए गुट नेता पद पर अपने समर्थक पार्षद अडबाले के चयन को मान्यता दिला दी है।
